Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

अब 31 अक्टूबर तक सिर्फ 75 रुपये में देख सकेंगे शिवसृष्टि

छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाली शिवसृष्टी थीम पार्क में रियायती दरों का आनंद अब 31 अक्टूबर तक लिया जा सकेगा। 15 मई से शुरू हुई इस पेशकश के बाद तीन महीनों में 1.5 लाख से अधिक लोगों ने यहां आकर शिवकाल का अद्भुत अनुभव किया। जनता की भारी मांग और अभय भुतड़ा फाउंडेशन के 75 लाख रुपये के अतिरिक्त सहयोग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
महाराजा शिवछत्रपति प्रतिष्ठान के ट्रस्टी एवं शिवसृष्टी परियोजना के अध्यक्ष जगदीश कदम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अभय भुतड़ा फाउंडेशन पहले भी 50 लाख रुपये का दान दे चुका है।

Read More

छुपते हुए ख्वाब…

आधी रात की खामोशी में बंद खिड़की से झाँकती रोशनी और दिल की अनकही बातों के बीच जन्म लेती है यह कविता। कहीं स्पर्श की हल्की-सी सिहरन है, तो कहीं यमुना तट की लहरों संग खेलती मासूमियत। बाग-बगीचों से लेकर तारों भरी रात तक कवि का मन बार-बार उसी भटकते, अविरल प्रेम की ओर लौटता है, जिसे कहने की चाह तो है, पर कह न पाने की झिझक भी उतनी ही गहरी।

Read More

माँ का संवाद बेटे से…

माँ अपने बेटे से कहती है—
“दिल के टुकड़े को खुद से दूर भेजना किसी माँ के लिए आसान नहीं होता। तुम्हारी तरक्की और खुशियों के लिए हमें यह कड़वा घूँट पीना पड़ता है। शायद तुम्हारे लिए भी यह सफ़र सहज न हो—कभी आज़ादी गुदगुदाएगी तो कभी जिम्मेदारियाँ बोझ बन जाएँगी। पर याद रखना, तुम्हारे हर कदम पर हमारी दुआएँ और आशीर्वाद एक अदृश्य कवच बनकर तुम्हारे साथ रहेंगे। जब कभी मन उलझे, अकेलापन सताए, तो समझना कि हम दूर होकर भी तुम्हारे बेहद पास हैं।

Read More

मान वाणी हिंदी

“हिंदी अब केवल देश तक सीमित नहीं रही, विदेशों में भी उसका मान बढ़ा है। लोग हिंदी सुनते, समझते और अभिवादन में भी अपनाते हैं। फिर भी हमारे ही शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों को यह सिखाया जाता है कि विकास अंग्रेज़ी से होगा, जबकि हिंदी बोलने पर मानो कोई अपराध कर दिया गया हो। यही हमारी सबसे बड़ी त्रासदी है।”

Read More

गुड़ वाली चाय और मैं

गुड़ वाली चाय और मैं दोनों थोड़े देसी, थोड़े अनगढ़, पर पूरी तरह ईमानदार। जैसे गुड़ अपने रंग को धीरे-धीरे पानी में खोलता है, वैसे ही मेरी मिठास भी समय लेकर सामने आती है। सादगी में भी स्वाद छिपा होता है, यही हमें एक-दूसरे से जोड़ता है।

Read More

विजयादशमी पर रत्नराज ज्वेलर्स का नया शोरूम

दशहरे के पावन अवसर पर रत्नराज ज्वेलर्स अपने नए शोरूम का उद्घाटन कर रहा है. नवदुर्गा माता मंदिर के समीप स्थित यह प्रतिष्ठान शुद्धता, विश्वास और उत्कृष्ट डिजाइनों का प्रतीक बनेगा.
रत्नराज ज्वेलर्स ने मावावाला परिवार की ईमानदारी और भरोसे की परंपरा को ज्वेलरी उद्योग में भी कायम रखा है. शोरूम में सोने और चांदी के अत्याधुनिक और पारंपरिक डिजाइनों की एक लंबी रेंज उपलब्ध है.

Read More
बसंत ऋतु में खिले फूलों, कोयल और भँवरे के बीच प्रकृति सौंदर्य निहारती भारतीय ग्रामीण स्त्री

ऋतु बसंत आयो री…

“ऋतु बसंत आयो री” प्रकृति के नवजीवन, प्रेम और उल्लास का काव्यात्मक उत्सव है। शीतल बयार, खिले सुमन, कोयल की कूक और मन के हिलोर के माध्यम से यह कविता बसंत ऋतु की जीवंत अनुभूति कराती है।

Read More
उसका श्रृंगार: गीले बाल, काजल और सादगी पर भावपूर्ण कविता

काजल, ख़ामोशी और तुम

एक स्त्री का सबसे सुंदर श्रृंगार क्या है? गीले बाल, काजल की पतली-सी लकीर, होंठों की हल्की मुस्कान या उसकी सादगी? यह कविता बाहरी आभूषणों से आगे बढ़कर उस सहज सौंदर्य को महसूस कराती है, जो बिना किसी बनावट के दिल में उतर जाता है। प्रकृति के बिंबों और गहरे एहसासों से सजी यह रचना सादगी, प्रेम और स्त्री की स्वाभाविक सुंदरता को शब्द देती है।

Read More

पुणे की महिलाओं ने बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

पुणे के गणेशोत्सव को और भी यादगार बनाते हुए ढोले पाटील शैक्षणिक संस्था ने एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. संस्था के अध्यक्ष सागर उल्हास ढोले पाटिल के नेतृत्व में, सर्वाधिक नागरिकों ने एक साथ दीप जलाकर आरती की और नया विश्वविक्रम स्थापित किया. खास बात यह रही कि आरती करने वाली सभी महिलाएं थीं
इस आयोजन ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित सरयू आरती समिति का वह पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया जिसमें दिवाली पर सबसे अधिक लोगों ने एक साथ दीपों से आरती की थी

Read More
भारतीय सैनिक की वर्दी में खड़ा जवान, पृष्ठभूमि में तिरंगा और भावनात्मक माहौल

सैनिक का अंतर्मन

यह कविता एक सैनिक के अंतर्मन की उन गहराइयों को उजागर करती है, जहाँ कर्तव्य और भावनाएँ एक साथ सांस लेती हैं। वह अपने परिवारपत्नी, बहन, पिता और माँसे दूर होते हुए भी उनसे गहराई से जुड़ा रहता है, लेकिन देश के प्रति अपने वचन को सर्वोपरि रखता है। उसके भीतर का प्रेम त्याग में बदल जाता है, और उसकी हर विदाई एक अनकही पीड़ा के साथ-साथ गर्व का संदेश भी छोड़ जाती है। यह रचना बताती है कि एक सैनिक केवल सरहदों की रक्षा नहीं करता, बल्कि अपने दिल के सबसे करीब रिश्तों को पीछे छोड़कर पूरे देश को अपना परिवार मान लेता है।

Read More