
अंजलि सिंह, प्रसिद्ध लेखिका, पुणे
तू अकेला नहीं है इस राह में,
तेरे साथ तेरा विश्वास खड़ा है.
जो सपने आँखों में बसते हैं,
उन्हीं से भविष्य बड़ा है.
थक जाएगा तो रुक जाना,
पर हिम्मत कभी मत हारना.
एक दिन मेहनत खुद बोलेगी,
पर देख, तू अभी हारा नहीं है.
चलते रह, गिरते रह, सीखते रह,
यही जीत की पहचान है.
जो खुद से लड़कर जीत जाए,
वही सच्चा महान है.
