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खुद पर भरोसा रख

एक युवा व्यक्ति पहाड़ के रास्ते पर सूर्योदय के समय अकेला खड़ा है, उसके चेहरे पर दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है, पीछे लंबा संघर्ष भरा रास्ता और सामने उजाला भविष्य का प्रतीक है. खुद पर भरोसा रख, रास्ते खुद बनते जाएंगे

अंजलि सिंह, प्रसिद्ध लेखिका, पुणे

तू अकेला नहीं है इस राह में,
तेरे साथ तेरा विश्वास खड़ा है.
जो सपने आँखों में बसते हैं,
उन्हीं से भविष्य बड़ा है.

थक जाएगा तो रुक जाना,
पर हिम्मत कभी मत हारना.
एक दिन मेहनत खुद बोलेगी,
पर देख, तू अभी हारा नहीं है.

चलते रह, गिरते रह, सीखते रह,
यही जीत की पहचान है.
जो खुद से लड़कर जीत जाए,
वही सच्चा महान है.

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