शायद माँ आयी है

घर में महसूस होती माँ की उपस्थिति और ममता को दर्शाती भावनात्मक हिंदी कविता का दृश्य

अपूर्वा, बिजनौर

लगता है
माँ आयी है।

यहाँ-वहाँ
पुरानी बोतलों में
मनी प्लांट लगा मिलता है।

मेज़ पर
काँच के बर्तन में
पंखुड़ियाँ तैरती मिलती हैं।

मिर्च काटते हुए
उँगलियों के पोर
कहीं बेध्यानी में
आँख में लग जाएँ
फ्रिज में एक कटोरी में
हरी मिर्च कटी हुई मिलती है।

जहाँ-तहाँ नज़र पहुँचे,
वहाँ कागज़ों पर
प्रेरणा में बहते
शब्द लिखे मिलते हैं।

अस्त-व्यस्त-सी ज़िंदगी में
करीने से रखी चीज़ें
यथास्थान मिलती हैं।

अव्यवस्था के कान उमेठती,
घर के हर कोने में
चकरी-सी घूमती,
हर जगह…
माँ मिलती है।

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