अंजू निगम : अपनी आवाज़ की तलाश में
2018 से लेखन की शुरुआत करने वाली अंजू निगम ने लघुकथा, कहानी, कविता और यात्रा-वृत्तांत सहित कई विधाओं में अपनी पहचान बनाई है. पढ़िए उनकी साहित्यिक यात्रा और लेखन के अनुभवों पर खास बातचीत.

2018 से लेखन की शुरुआत करने वाली अंजू निगम ने लघुकथा, कहानी, कविता और यात्रा-वृत्तांत सहित कई विधाओं में अपनी पहचान बनाई है. पढ़िए उनकी साहित्यिक यात्रा और लेखन के अनुभवों पर खास बातचीत.
भारत से पॉटरी एंड सिरामिक में मास्टर्स करने वाली पहली महिला ममता सिंह देवा से सृजन, संघर्ष, प्रेम, विद्रोह और स्त्री के सच पर एक आत्मीय बातचीत. सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वायर न्यूज़, पुणे मिट्टी को आकार देने वाले हाथ जब शब्दों में जीवन का सच उकेरते हैं, तो सृजन की एक अनोखी यात्रा जन्म…
वनगाँव की मिट्टी और मिथिला की सांस्कृतिक चेतना से लेकर जोधपुर की साहित्यिक दुनिया तक सुप्रसन्ना की यात्रा संस्कार, संवेदना और सृजन की कहानी है. हिन्दी और मैथिली में लेखन करने वाली सुप्रसन्ना से साहित्य, कविता, स्त्री-मन, लोकसंस्कृति और रचनात्मकता पर आत्मीय बातचीत.
किश्वर अंजुम से विशेष बातचीत में उनकी साहित्यिक यात्रा, कविता, कहानी, रहस्य-कथा, सामाजिक सरोकार और स्त्री की ख़ामोशी जैसे विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई. लेखिका कहती हैं “मेरी कहानी अभी पूरी कहाँ हुई है, बात अभी बाक़ी है.
बचपन से शब्दों से जुड़ी लेखिका ने परिवार और जिम्मेदारियों के बीच अपनी रचनात्मक पहचान बनाई. ‘कुमकुम लगे पाँव’ उनके साहित्यिक सफर और स्त्री जीवन के विविध रंगों की संवेदनशील अभिव्यक्ति है.
झारखंड के छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर चित्रकला, साहित्य और लोकसंस्कृति के शोध तक पहुंचा। जानिए लोककला, मंजूषा, जादोपेटिया और लोक जीवन को लेकर एक कलाकार-लेखिका की दृष्टि।
साहित्य केवल शब्दों का संसार नहीं, बल्कि संवेदनाओं, संघर्षों और समाज को नई दिशा देने का माध्यम है। शिक्षिका, साहित्यकार और राष्ट्रीय साहित्य नवरत्न मंच की संस्थापिका डॉ. अनामिका दूबे ‘निधि’ ने अपनी लेखनी को केवल अभिव्यक्ति का साधन नहीं बनाया, बल्कि इसे नई प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का मिशन बनाया है। इस विशेष बातचीत में उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा, चुनौतियों, पुरस्कारों, डिजिटल युग में साहित्य की बदलती तस्वीर और युवा रचनाकारों के लिए अपने प्रेरक संदेश को बेहद आत्मीयता के साथ साझा किया है।”
माता-पिता के संस्कार, परिवार के सहयोग और दृढ़ आत्मविश्वास के बल पर साहित्य जगत में अपनी पहचान बनाने वाली शिक्षिका एवं कवयित्री की प्रेरक जीवन यात्रा। जानिए उनके लेखन, छंद साधना, संस्मरण प्रेम और सफलता के पीछे की कहानी।
नीलम पेड़ीवाल “विहांगी” हिंदी साहित्य की एक सक्रिय और बहुआयामी रचनाकार हैं। इस विशेष साक्षात्कार में उन्होंने अपने साहित्यिक सफर, लेखन प्रेरणा, संघर्ष, उपलब्धियों और नए रचनाकारों के लिए महत्वपूर्ण संदेश साझा किए हैं।
मधु मिश्रा हिंदी साहित्य जगत की एक संवेदनशील, सक्रिय और बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न रचनाकार हैं। उन्होंने कहानी, लघुकथा, कविता, हाइकु और आलेख के माध्यम से समाज, स्त्री संवेदना और रिश्तों के यथार्थ को प्रभावशाली स्वर दिया है। उनका लघुकथा संग्रह धूप के पाँव तथा कहानी संग्रह ड्रीम गर्ल विशेष रूप से चर्चित रहे हैं। वर्ष 2001 से निरंतर उनकी रचनाएँ अनेक प्रतिष्ठित समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित हो रही हैं। अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित मधु मिश्रा आज नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं।