मां की खुशी
‘मां की खुशी’ एक मार्मिक लघु कहानी है, जो माता-पिता के त्याग, उनके अकेलेपन और समाज के डर के बीच उनकी खुशियों के अधिकार को उजागर करती है। यह कहानी रिश्तों की सच्चाई और बदलती सोच को बेहद संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती है।

‘मां की खुशी’ एक मार्मिक लघु कहानी है, जो माता-पिता के त्याग, उनके अकेलेपन और समाज के डर के बीच उनकी खुशियों के अधिकार को उजागर करती है। यह कहानी रिश्तों की सच्चाई और बदलती सोच को बेहद संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती है।
यह कविता जीवन को एक रंगमंच के रूप में प्रस्तुत करती है, जहां हर व्यक्ति एक किरदार निभा रहा है। कवयित्री स्वयं को मंच पर उपस्थित बताती है, जहां वह अपने भावों, पीड़ाओं और प्रेम को खुलकर जी रही है, जबकि उसका प्रिय नेपथ्य में रहकर अपने अस्तित्व को छिपाए हुए है।
“एक पथिक” एक गहन भावनात्मक हिंदी कविता है, जिसमें सागर और पथिक के प्रतीकों के माध्यम से मन की व्यथा, प्रेम, प्रतीक्षा और आत्मसंवाद को अत्यंत मार्मिक ढंग से व्यक्त किया गया है। यह कविता केवल बाहरी दृश्य का चित्रण नहीं करती, बल्कि भीतर चल रहे भावनात्मक द्वंद्व और एकाकीपन की गहराई को उजागर करती है।
कभी-कभी कोई दर्दनाक घटना सुनने भर से ही दिल काँप जाता है। पर जब ऐसा पता चलता है कि वह दर्द किसी ऐसे इंसान के साथ हुआ है जिसे हम रोज़ देखते थे, जिसके बच्चे हमारे सामने खेलते थे,
यह कविता अनिद्रा की उस गहरी अवस्था को चित्रित करती है, जहाँ शरीर थक चुका होता है लेकिन मन लगातार सक्रिय रहता है. रात भर जागती सोच, तकिये के नीचे दबी अनकही बातें और स्थिर घड़ी की सुइयाँ जीवन की थकान और मानसिक बोझ को प्रतीकात्मक रूप में सामने लाती हैं. सुबह होने पर भी रात का जागना भीतर बना रहना, आधुनिक मनुष्य की मानसिक बेचैनी को सशक्त रूप से व्यक्त करता है.
आज मन संवाद के लिए तरसता है।
मौन और डिजिटल दुनिया के बीच,
वह तेज़ और धीमी रफ्तार वाला संवाद सिर्फ़ मेरी यादों में बचे हैं। आज मैं अपने पायल की छम-छम और शॉवर की बूंदों में उस मौन जुगलबंदी का अनुभव कर रही हूँ।
आज मन उदास है। रोशनी चुभती है, सितारे दिखना भी नहीं चाहते। वह अकेलेपन में बांसुरी की धुन में शांत होना चाहता है, जहाँ कोई सुनने वाला नहीं और सिर्फ यादें साथ हों।
डायरी के पन्नों में कैद होती हैं वे कहानियां, जो जीवन की मजबूरी और अपमान की गवाही देती हैं। खुला आसमान और उन्मुक्त पंछियों की उड़ान उनके लिए सपना बन जाती हैं, परन्तु उनके शब्द अपनी बेबसी और तिरस्कार की कहानी बयाँ करते हैं।