व्यंग्यकार डॉ. हरीशकुमार सिंह को राष्ट्रीय गौरव सम्मान
उज्जैन में आयोजित विनय उजाला राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026 में लेखन और पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए व्यंग्यकार डॉ. हरीशकुमार सिंह को पद्मिनी कोल्हापुरे ने सम्मानित किया.

उज्जैन में आयोजित विनय उजाला राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026 में लेखन और पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए व्यंग्यकार डॉ. हरीशकुमार सिंह को पद्मिनी कोल्हापुरे ने सम्मानित किया.
सातारा का कास पठार 1 सितंबर से पर्यटकों के लिए फिर खुलेगा. फूलों के मौसम से पहले वन विभाग ने तीन नए व्यू-पॉइंट, लेटराइट पगडंडियां, प्रतीक्षालय और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं तैयार की हैं.
खवड्या पहाड़ हादसे में चांदगुडे परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है. परिजनों ने iPhone की EMI को हादसे की मुख्य वजह मानने से इनकार किया है और पारिवारिक विवाद को लेकर अलग जानकारी सामने रखी है.
चीनी की कीमतों में तेजी के बीच सहारनपुर के किसान ने बताया कि गन्ने की पैदावार से ज्यादा समस्या चीनी मिलों में समय पर भुगतान नहीं मिलने की है. किसान अब गन्ने से गुड़ और शक्कर बनाकर बेहतर कीमत और तत्काल भुगतान हासिल कर रहे हैं.
सगवाली में इंडियन ऑयल के “प्रेरणा अभियान” के तहत LPG सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. ग्रामीण महिलाओं को गैस के सुरक्षित उपयोग, सुरक्षा उपकरणों और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जानकारी दी गई.
महिदपुर रोड में भगवान नेमिनाथ के जन्म कल्याणक महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ. गिरनार तीर्थ की प्रतिकृति, शक्रस्तव अष्टोत्तरी महाभिषेक, 14 महास्वप्नों की प्रस्तुति और भक्ति नृत्य ने आयोजन को विशेष बना दिया.
त्रिमूर्ति हाई स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह और देशभक्ति के साथ आयोजित हुआ. विद्यार्थियों ने गीत, भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया.
महिदपुर रोड में चातुर्मास के दौरान 52 तपस्वी सिद्धि तप की आराधना कर रहे हैं। जानिए सिद्धि तप क्या है, इसकी प्रक्रिया और जैन धर्म में इसके आध्यात्मिक महत्व को।
महिदपुर रोड में चातुर्मास के दौरान साध्वी डॉ. अमृतरसा श्रीजी ने कहा कि भूतकाल एक सपना और भविष्य एक कल्पना है, जबकि वर्तमान ही वास्तविक जीवन है। धर्मसभा में तपस्वियों की प्रभावना और साधार्मिक भक्ति के आयोजन भी हुए।
कभी क्रिकेट के मैदान में अपनी स्पिन गेंदों से दोस्तों को छेड़ने वाला, तो कभी अपनी हँसी और शरारतों से हर महफ़िल को जीवंत बना देने वाला गिरधारी अरोरा अब सिर्फ़ यादों में बस गया है। कॉलेज के दिनों की दोस्ती, जनता एक्सप्रेस के सफ़र, महिदपुर रोड की गलियाँ और अनगिनत शरारतें आज भी दिल में ज़िंदा हैं। यह संस्मरण एक ऐसे दोस्त को श्रद्धांजलि है, जिसके जाने से यादों का एक पूरा दौर हमेशा के लिए ख़ामोश हो गया।