हिंदी साहित्य
अंजू निगम : अपनी आवाज़ की तलाश में
2018 से लेखन की शुरुआत करने वाली अंजू निगम ने लघुकथा, कहानी, कविता और यात्रा-वृत्तांत सहित कई विधाओं में अपनी पहचान बनाई है. पढ़िए उनकी साहित्यिक यात्रा और लेखन के अनुभवों पर खास बातचीत.
शालिनी वर्मा के ‘धीरे-धीरे उजाला’ का लोकार्पण
दोहा में पिछले 24 वर्षों से हिंदी और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सक्रिय शालिनी वर्मा के काव्य संग्रह ‘धीरे-धीरे उजाला’ का नई दिल्ली में लोकार्पण हुआ. संग्रह प्रवासी जीवन की स्मृतियों, संवेदनाओं और उम्मीदों को काव्यात्मक अभिव्यक्ति देता है.
“मेरे भीतर अभी बहुत कुछ बाक़ी है” : किश्वर अंजुम
किश्वर अंजुम से विशेष बातचीत में उनकी साहित्यिक यात्रा, कविता, कहानी, रहस्य-कथा, सामाजिक सरोकार और स्त्री की ख़ामोशी जैसे विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई. लेखिका कहती हैं “मेरी कहानी अभी पूरी कहाँ हुई है, बात अभी बाक़ी है.
अमर मित्रता
मित्रता केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेम, त्याग और समर्पण का सबसे सुंदर रूप है। सच्चा मित्र वही होता है, जो हर सुख-दुःख में बिना किसी स्वार्थ के साथ खड़ा रहे। यह लेख मित्रता के वास्तविक महत्व और उसके जीवन में अमूल्य स्थान को सरल शब्दों में प्रस्तुत करता है।
एक पाती तुम्हारे नाम…
कुछ रिश्तों को किसी नाम की जरूरत नहीं होती। वे विश्वास, अपनापन और इंतजार से पहचाने जाते हैं। “एक पाती तुम्हारे नाम” ऐसे ही आत्मीय प्रेम और विरह की भावनाओं को शब्द देती है।
साहित्य-सूर्य : प्रेमचंद
मुंशी प्रेमचंद हिंदी साहित्य के ऐसे महान कथाकार थे, जिनकी कलम ने गरीब, किसान और आम इंसान के जीवन को आवाज़ दी। प्रस्तुत कविता उनके साहित्यिक योगदान को नमन करती है।
वो तीन दिन
तीन दिन, एक शहर और उम्र भर की यादें” राघव और रिद्धिमा की ऐसी भावनात्मक प्रेम कहानी है, जिसमें एक छोटी-सी मुलाकात जीवनभर की स्मृतियों में बदल जाती है। अदरक वाली चाय, मेहंदी में छिपा नाम, छत पर बिताई तारों भरी रात और स्टेशन पर बिछड़ने का दर्द ये छोटे-छोटे पल उनके रिश्ते की सबसे बड़ी पूंजी बन जाते हैं। यह कहानी बताती है कि सच्चे रिश्तों में दूरी मायने नहीं रखती, क्योंकि कुछ मुलाकातें समय से नहीं, दिल से जुड़ी होती हैं।
बेटी
बेटी केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि दो परिवारों की खुशियों, संस्कारों और सम्मान की पहचान होती है। यह भावपूर्ण हिंदी कविता बेटी के जन्म से लेकर उसके जीवन के विभिन्न पड़ावों तक के भावों को संवेदनशीलता से व्यक्त करती है। कविता बताती है कि बेटी ईश्वर का आशीर्वाद, घर की रौनक और माता-पिता के जीवन की सबसे अनमोल सौगात होती है। यह रचना बेटी के सम्मान, स्नेह और उसके महत्व को समर्पित है।
मेरा सच्चा दोस्त
जीवन में कुछ दोस्त ऐसे होते हैं, जो हर रिश्ते से बढ़कर बन जाते हैं। बचपन की सहेली, परिवार जैसी मित्र और कठिन समय में बिना कहे साथ खड़ी रहने वाली दोस्त—यही सच्ची दोस्ती की पहचान है। यह भावनात्मक संस्मरण तीन ऐसी सहेलियों की कहानी है, जिन्होंने हर सुख-दुख में साथ निभाकर दोस्ती को जीवन का सबसे अनमोल रिश्ता बना दिया। यह लेख बताता है कि सच्चे दोस्त केवल खुशियों के साथी नहीं होते, बल्कि मुश्किल समय में हमारी सबसे बड़ी ताकत भी बनते हैं।
