Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
दिल की बात हिंदी कविता

दिल की बात

“दिल की बात” रिश्तों में छिपे उन एहसासों की कविता है, जिन्हें शब्दों में कहना हमेशा आसान नहीं होता. प्रेम, शिकायत, इंतज़ार और याद के बीच मन की कई अनकही बातें इस कविता में सहज रूप से सामने आती हैं.

Read More
अँधियारे में पूनम हिंदी प्रेम कविता

अँधियारे में पूनम

अँधियारे में पूनम एक भावपूर्ण हिंदी प्रेम कविता है, जिसमें ख़ामोशी, दूरी, याद और अधूरे रिश्ते की भावनाएँ दिखाई देती हैं. कविता उस रिश्ते की कहानी कहती है, जहाँ दोनों एक-दूसरे से दूर होकर भी भावनाओं और यादों के स्तर पर जुड़े रहते हैं.

Read More
ब्रह्मपुत्र की बाढ़ के बीच माजुली में संघर्ष करता परिवार

दिखौ शांत होगा

‘दिखौ की बाढ़ के बीच पिता के संघर्ष और माजुली के जीवन की पीड़ा को समेटती कविता ‘दिखौ शांत होगा’ प्रकृति के शांत होने की उम्मीद और मानवीय जिजीविषा की कहानी कहती है.

Read More
विरह और अधूरे प्रेम की भावनाओं को दर्शाती हिंदी कविता

आँसुओं की नदी 

प्रेम की प्यास, विरह की पीड़ा और टूटते संयम के बीच मन की गहरी बेचैनी को स्वर देती यह कविता आँसुओं से भरी ज़िंदगी और अधूरे प्रेम की भावनात्मक कहानी कहती है.

Read More
सावन की बारिश में हरे-भरे आम के पेड़ और प्रेम की यादों को दर्शाती हिंदी कविता मन अमराई महकी रे

“मन अमराई महकी रे”

सावन की बदली, भीगी पलकें, कोयल की कूक और मन में उतरती प्रेम की याद. ‘मन अमराई महकी रे’ रिश्तों, प्रकृति और प्रीत के मधुर एहसासों से सजी भावपूर्ण हिंदी कविता है.

Read More
समुद्र किनारे सूर्यास्त के समय खुद के साथ एकांत में खड़ी महिला

खुद से मिलने की तमन्ना

कभी-कभी जिंदगी की भागदौड़ से दूर जाकर खुद के साथ कुछ पल बिताने का मन करता है। ‘खुद से मिलने की तमन्ना’ उसी इच्छा की कविता है, जहाँ समुद्र, पहाड़, हवा और ढलता सूरज मन की आज़ादी के प्रतीक बन जाते हैं।

Read More
फुटपाथ पर गहरी नींद में सोया भिखारी और बेचैन अमीर व्यक्ति

नींद

एसी कमरे में नरम बिस्तर, लेकिन मन में बेअंत अशांति. दूसरी ओर सड़क किनारे सोया भिखारी गहरी नींद में है. यह कविता सुख-सुविधाओं और सुकून के बीच के उस अंतर को सामने लाती है, जिसे अक्सर हम महसूस नहीं कर पाते.

Read More
मिट्टी के घर और जीवन की नश्वरता पर आधारित हिंदी कविता

मिट्टी का ये घर है अपना

मिट्टी से बने इस शरीर और संसार की नश्वरता को समझाती यह कविता याद दिलाती है कि धन, मान-सम्मान और रिश्ते सब यहीं रह जाते हैं. जीवन में जब तक साँसें हैं, प्रेम बाँटना ही सबसे बड़ी सार्थकता है।

Read More