Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
गमले में खिले पीले गेंदे के फूल और प्रेम की प्रतीकात्मक हिंदी कविता

जैसा मैंने सोचा था…

कुछ मोहब्बतें फूलों की तरह होती हैं. मुरझा जाती हैं, मगर उनके भीतर एक बीज बचा रहता है. वक्त और इंतज़ार के बाद वही प्रेम फिर किसी सुबह खिल उठता है.

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मुर्दों की सभा में कर्मों का हिसाब दिखाती हिंदी कविता

 “मुर्दों की हुई सभा”

अगर मृत्यु के बाद इंसान अपने जीवन का हिसाब खुद देख सके, तो उसके पास क्या बचेगा—धन, दौलत, रिश्ते या केवल कर्म? “मुर्दों की हुई सभा” इसी सवाल के माध्यम से जीवन का गहरा सच सामने रखती है।

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मैं एक कहानी हूँ – आत्मसम्मान और हौसले पर प्रेरणादायक हिंदी कविता

मैं एक कहानी हूँ

गिरकर, टूटकर और बिखरकर भी जो फिर खड़ी हो जाए, वही असली कहानी है। “मैं एक कहानी हूँ” आत्मसम्मान, संघर्ष, हौसले और अपनी पहचान खुद बनाने की जिद को शब्द देती एक प्रेरणादायक कविता है।

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वक्त और जिंदगी के बदलते रंगों को दर्शाती हिंदी कविता

मैंने हर रोज़ ज़माने को रंग बदलते देखा है

उम्र के साथ बदलती जिंदगी, ढलती जवानी, कमजोर पड़ती ताकत और वक्त के बदलते रंगों की सच्चाई को बयां करती यह भावपूर्ण कविता इंसान को अपने आज पर घमंड न करने और दूसरों को खुश रखने का संदेश देती है.

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आक्रोश और बेचैनी को शब्दों में व्यक्त करती हुई कलम और हिंदी कविता

एक दिन यूं ही !!

जब भीतर का रोष शब्दों में उबलने लगे और कलम ही अभिव्यक्ति का आखिरी हथियार रह जाए, तब कविता जन्म लेती है. ‘एक दिन यूं ही’ इसी बेचैनी और आक्रोश की मार्मिक अभिव्यक्ति है.

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मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम: मर्यादा, त्याग और मानव जीवन का संदेश

मर्यादा पुरूषोतम

मनुष्य रूप में प्रभु श्रीराम का अवतार मर्यादा, त्याग और संघर्ष का अद्भुत संदेश देता है। प्रस्तुत कविता उसी दिव्य स्वरूप को भावपूर्ण श्रद्धांजलि है।

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सीता और राम के प्रेम, विरह और भावनात्मक संघर्ष को दर्शाती यथार्थवादी साहित्यिक छवि

मैं सिया सी… और तुम राम

प्रेम जब विश्वास मांगता है और रिश्ते परीक्षा लेने लगते हैं, तब सिया के मन में राम से कई अनकहे सवाल जन्म लेते हैं। यह कविता उसी प्रेम, पीड़ा, विरह और स्त्री के आत्मसम्मान की मार्मिक अभिव्यक्ति है।

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