हाइड्रेशन से इम्यूनिटी तक, सही फलों से रखें बच्चों को फिट
गर्मियों में बच्चों की सेहत बनाए रखने के लिए सही फलों का चयन बेहद जरूरी है. तरबूज, आम, केला और संतरा जैसे फल न केवल हाइड्रेशन देते हैं बल्कि इम्यूनिटी और एनर्जी भी बढ़ाते हैं.

गर्मियों में बच्चों की सेहत बनाए रखने के लिए सही फलों का चयन बेहद जरूरी है. तरबूज, आम, केला और संतरा जैसे फल न केवल हाइड्रेशन देते हैं बल्कि इम्यूनिटी और एनर्जी भी बढ़ाते हैं.
डाउन सिंड्रोम एक आनुवंशिक स्थिति है, लेकिन यह किसी बच्चे की संभावनाओं को सीमित नहीं करती। सही देखभाल, संतुलित आहार और माँ के प्यार से ऐसे बच्चे भी आत्मनिर्भर और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
गर्मी में भी कई लोगों को बिना चादर ओढ़े नींद नहीं आती। इसके पीछे मनोवैज्ञानिक सुकून, स्लीप सिग्नल और शरीर के तापमान को संतुलित रखने जैसे वैज्ञानिक कारण जुड़े होते हैं, जो बेहतर नींद में मदद करते हैं।
बढ़ते साइलेंट अटैक के मामलों ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। बिना स्पष्ट लक्षण के होने वाला यह हार्ट अटैक खतरनाक हो सकता है, लेकिन सही जानकारी, नियमित जांच और संतुलित जीवनशैली अपनाकर इससे बचाव संभव है।
जब किसी व्यक्ति के भीतर जीवन के प्रति आशा, उद्देश्य और उत्साह खत्म होने लगता है, तो वह मानसिक रूप से बेहद कठिन स्थिति से गुजर रहा होता है. मनोविज्ञान के अनुसार जीने की इच्छा का समाप्त होना केवल निराशा नहीं बल्कि गहरे मानसिक संघर्ष का संकेत है. इस लेख में इसी विचार का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है.
दयानंद कला महाविद्यालय में 22 कॉलेजों के 260 प्रतिभागियों ने बिखेरा हुनर संगीता लाहोटी ने किया भव्य उद्घाटन, विजेताओं को मिले आकर्षक पुरस्कार लातूर से डॉ. मीना घूमे की रिपोर्ट लातूर : यहां की सुप्रसिद्ध दयानंद शिक्षण संस्था के दयानंद कला महाविद्यालय, लातूर के फैशन एवं ड्रेस डिजाइन विभाग द्वारा भव्य ‘फ्यूजन 2026’ राज्य स्तरीय…
लना हर उम्र के लिए फायदेमंद है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अलग-अलग आयु वर्ग के लिए वॉकिंग का समय अलग होता है? बच्चों को 60 मिनट, युवाओं को 30–45 मिनट और वरिष्ठ नागरिकों को 20–30 मिनट की वॉक की सलाह दी जाती है। सही अवधि में नियमित वॉक हृदय स्वास्थ्य, वजन नियंत्रण और मानसिक संतुलन के लिए बेहद जरूरी है।
थकान, डिप्रेशन और दिल से जुड़ा अनदेखा रिश्ता भारत को सूरज का देश कहा जाता है, फिर भी एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने है. हर दस में से लगभग आठ भारतीयों में विटामिन डी की कमी पाई जाती है. वर्षों तक हमें यही सिखाया गया कि विटामिन डी केवल हड्डियों के लिए जरूरी है. सच…
नाभि दिखाती कमरलाइन, नीचे बैठी जींस और आत्मविश्वास से भरा अंदाज़—साल 2026 में फैशन की दुनिया एक बार फिर 2000 के दशक की ओर लौट चुकी है। लो-राइज़ जींस, जिसे कभी “खतरनाक रूप से नीचे बैठी जींस” कहा जाता था, अब नए रूप, बेहतर फिट और ज्यादा आराम के साथ दोबारा ट्रेंड में है।
चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि सेहत और सुकून का मेल है. सही समय, सही तापमान और सही मात्रा में पी गई चाय दिल, मेटाबॉलिज़्म और इम्युनिटी को मजबूत बनाती है, जबकि गलत आदतें इसके फायदे को नुकसान में बदल सकती हैं. यह लेख बताता है चाय पीने का वैज्ञानिक और स्वास्थ्यवर्धक तरीका.