
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम अक्सर स्वाद और सुविधा को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन इसका सीधा असर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग लिवर पर पड़ रहा है। World Liver Day के अवसर पर यह समझना बेहद जरूरी है कि हमारी दिनचर्या और खानपान किस तरह लिवर को प्रभावित कर रहे हैं।
बढ़ती समस्या: युवा और बच्चे भी शिकार
उज्जैन के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. विजय गर्ग के अनुसार, शहर में फैटी लिवर के मामलों में युवाओं की संख्या हर साल लगभग 10% बढ़ रही है। पहले यह समस्या 45 वर्ष से अधिक उम्र में देखी जाती थी, लेकिन अब 30–35 वर्ष के लोग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं।
भारत में स्थिति और भी चिंताजनक है—लगभग 38.6% वयस्क और 35.4% बच्चे फैटी लिवर से प्रभावित हैं। मोटापे से ग्रस्त बच्चों में यह जोखिम 63% से अधिक तक पहुंच जाता है।
कारण: बदलती जीवनशैली का असर
अनियमित दिनचर्या, जंक फूड, अत्यधिक शुगर, कम शारीरिक गतिविधि और वाहनों पर निर्भरता—ये सभी फैटी लिवर के प्रमुख कारण बन रहे हैं।
चेतावनी संकेत: दिल की बीमारी से जुड़ा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि फैटी लिवर केवल एक लिवर की समस्या नहीं, बल्कि हृदय रोगों की शुरुआती चेतावनी भी है। ऐसे में समय रहते लिपिड प्रोफाइल, ईसीजी और अन्य जरूरी जांच करवाना बेहद आवश्यक है।
लिवर: शरीर का ‘सुपर इंजन’
लिवर हमारे शरीर में 500 से अधिक महत्वपूर्ण कार्य करता है-पाचन और डिटॉक्स 2. ऊर्जा का भंडारण 3. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना
स्वस्थ लिवर के लिए अपनाएं ये आदतें
- रोजाना संतुलित आहार लें -फल, सब्जियां और साबुत अनाज
- कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें
- शराब और धूम्रपान से दूरी रखें
- शुगर और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें
