गर्मी से राहत का हरा समाधान : टेरेस गार्डन

गर्मी के मौसम में पौधों और हरियाली से सजा एक भारतीय घर का टेरेस गार्डन, जो शुद्ध हवा और ठंडक प्रदान कर रहा है।

आशी प्रतिभा ग्वालियर (मध्य प्रदेश)

गर्मी के कारण बाहर निकलने का मन नहीं करता। ऐसे में खुली हवा और शुद्ध ऑक्सीजन के लिए टेरेस गार्डन बहुत ही अच्छा विकल्प है। हमें घर पर ही ऐसे वातावरण का निर्माण करना चाहिए, जो पेड़-पौधों से भरा हो और जिसमें बैठकर हम स्वच्छ ऑक्सीजन से भरे माहौल का आनंद ले सकें। दिनभर एयर कंडीशनर वाले कमरे में बैठने की अपेक्षा सुबह के समय प्रकृति के समीप रहना हमें अधिक लाभान्वित करता है। गर्मी का अपना अलग ही असर होता है। कंक्रीट से बनी सड़कें, शहरीकरण के नाम पर समाप्त की गई पार्कों की कच्ची भूमि, ऊँची-ऊँची इमारतें और इन इमारतों के बीच पीपल, बरगद, शीशम, अमलतास और पलाश जैसे वृक्षों की कमी—ये सभी कारण गर्मी बढ़ाने में योगदान देते हैं। इतने सारे मूलभूत कारणों के बावजूद यदि छोटी-छोटी पार्कों को आबादी वाले क्षेत्रों में बनाया भी जाता है, तो वहाँ जिम या सौंदर्यीकरण के नाम पर गार्डन की कच्ची भूमि को भी समाप्त कर दिया जाता है। परिणामस्वरूप पेड़ केवल सजावटी पौधों तक सीमित होकर रह जाते हैं।

गर्मी में जब सूर्य दिनभर पृथ्वी को तपाते हैं, तब धरती से भी अत्यधिक गर्माहट के कारण ताप निकलता है और वातावरण में गर्मी की एक परत-सी बन जाती है, जिसे भेद पाना कठिन प्रतीत होता है। यही कारण है कि खुले क्षेत्रों की तुलना में आबादी वाले क्षेत्रों में गर्मी अधिक महसूस होती है। रात्रि के समय पेड़-पौधों की कमी के कारण धरती पर्याप्त रूप से ठंडी नहीं हो पाती और तब तक सुबह हो जाती है। मौसम बदलने पर थोड़ी राहत मिलती है, परंतु गर्मी लगभग जस की तस बनी रहती है। इसीलिए सामान्यतः शहरों में खुले स्थानों की अपेक्षा अधिक गर्मी अनुभव की जाती है।

यदि हम इस बढ़ती गर्मी और वायु प्रदूषण से निजात पाना चाहते हैं, तो यह आवश्यक नहीं कि हम पूरी कॉलोनी में जंगल उगाएँ। आवश्यक यह है कि बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के उपाय खोजें। दिन-रात एयर कंडीशनर (ए.सी.) चलाने वाले घरों में रहने वाले लोगों को अपने जीवन-यापन का तरीका बदलने की आवश्यकता है और इसके लिए जरूरी है तापमान संतुष्टि। यह संतुष्टि पेड़-पौधों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।

यहाँ हम कह सकते हैं कि टेरेस गार्डन घर की छत को ठंडा रखने और तापमान को नियंत्रित करने का एक उपयुक्त विकल्प है। गर्मी के कारण वातावरण में जो भारीपन महसूस होता है, वह ऐसा प्रतीत कराता है मानो हम किसी बंद कमरे में हों। जब हम अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएंगे, तो उनसे मिलने वाली ऑक्सीजन गर्मी को कम करने और तापमान को नियंत्रित करने में सहायता करेगी।

हमें चाहिए कि हम सभी लोग पेड़ बचाने की शपथ के साथ अपने-अपने घरों में, विशेषकर बड़ी-बड़ी इमारतों की छतों पर, टेरेस गार्डन का निर्माण अवश्य करें। यह न केवल गर्मी को नियंत्रित करेगा, बल्कि वातावरण में शुद्धता लाने का कार्य भी करेगा।

यदि हम सभी पर्यावरण के लिए संकल्प लें और केवल 30 प्रतिशत घरों में भी टेरेस गार्डन विकसित हो जाएँ, तो तापमान वृद्धि को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

तापमान में वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए खुले स्थानों में अधिक से अधिक पीपल, बरगद और नीम जैसे वृक्ष लगाने चाहिए। ये वृक्ष प्रदूषण को कम करने में सहायक होते हैं और वातावरण को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आने वाले समय में यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि संरक्षण चाहिए, तो भी पेड़ लगाना आवश्यक है। साथ ही यदि सड़कों का सौंदर्यीकरण किया जाए, तो उनके किनारों पर कुछ कच्चा भाग अवश्य छोड़ा जाना चाहिए, ताकि वर्षा का पानी जमीन में समा सके। पर्यावरण हमारा है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी हमारी ही है।

छोटे-छोटे टेरेस गार्डन बनाकर हम अपने पर्यावरण को प्रदूषण की चपेट में आने से काफी हद तक बचा सकते हैं। अपने पर्यावरण के लिए आज ही संकल्प लें और घर पर पौधे उगाएँ। इसके लिए किसी विशेष खर्च की आवश्यकता नहीं होती। हम फल और सब्जियों से प्राप्त बीजों से भी अपने घर में किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं।

टमाटर, अदरक, लहसुन, पुदीना और हल्दी जैसे पौधे घर में सुंदर लगते हैं। हमें ऐसे पौधे अधिक लगाने चाहिए, जो वायु को शुद्ध करने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर हों। उदाहरण के लिए कड़ी पत्ता, तुलसी, नीम, आँवला, आम, गुड़हल, मीठा नीम, स्नेक प्लांट और मोगरा।घर की सुंदरता बढ़ाने वाले पौधों जैसे मनी प्लांट और पान के पत्तों के साथ भी छोटा-सा गार्डन तैयार किया जा सकता है। ये जल्दी बढ़ने वाले और कम पानी में पनपने वाले पौधे हैं। इन सबकी सहायता से हम घर में एक सुंदर टेरेस गार्डन बना सकते हैं। खाद के रूप में गोबर की खाद का उपयोग किया जा सकता है। आजकल यूट्यूब पर ऑर्गेनिक खाद बनाने की कई विधियाँ उपलब्ध हैं, परंतु यदि समय न हो तो केवल गोबर की खाद से भी काम चल सकता है। इससे आपका गार्डन सुंदर बनने के साथ-साथ पर्यावरण प्रदूषण से बचाव में भी सहायक होगा। टेरेस गार्डन की यह पहल हमारे पर्यावरण को बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। हम भले ही जंगल न उगा सकें, पर पेड़-पौधों से मित्रता अवश्य कर सकते हैं—अपने घरों में टेरेस गार्डन के रूप में। ये छोटे-छोटे टेरेस गार्डन प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी बहुत सहायक सिद्ध होंगे।

यकीन मानिए, मोबाइल और इंटरनेट की इस दुनिया की तुलना में प्रकृति के समीप कहीं अधिक शांति प्राप्त होती है।

One thought on “गर्मी से राहत का हरा समाधान : टेरेस गार्डन

  1. बिलकुल सही पेड़ पौधों के साथ सारी थकान दूर हो जाती है, मन को सुकून और आँखों को ताजगी मिलती है

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