….बिना पिए ही जब हद से गुजरता है नशा
क्या आपने कभी बिना शराब पिए नशे का अनुभव किया है? यह थकान या कमजोरी नहीं, बल्कि ऑटो-ब्रुअरी सिंड्रोम जैसी दुर्लभ बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसमें आपके शरीर के भीतर कुछ बैक्टीरिया खुद शराब बनाते हैं।

क्या आपने कभी बिना शराब पिए नशे का अनुभव किया है? यह थकान या कमजोरी नहीं, बल्कि ऑटो-ब्रुअरी सिंड्रोम जैसी दुर्लभ बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसमें आपके शरीर के भीतर कुछ बैक्टीरिया खुद शराब बनाते हैं।
गलत चप्पल या जूते पहनना मामूली गलती नहीं, बल्कि गंभीर हादसे की वजह बन सकता है। चिकनी फर्श और गलत सोल का कॉम्बिनेशन हड्डी टूटने तक का खतरा बढ़ा देता है। जानिए सही फुटवियर चुनने के जरूरी सेफ्टी टिप्स।
कॉर्टिसोल हार्मोन के बढ़ते स्तर, फॉलिकल सूजन और पोषक तत्वों की कमी से बाल झड़ने लगते हैं। सही आहार और तनाव प्रबंधन से इसे रोका जा सकता है।
घर पर रहना पसंद करने वाले लोग दुनिया से कटे हुए नहीं होते, बल्कि वे शांति, भावनात्मक सुरक्षा और आत्म-संतुलन को प्राथमिकता देते हैं. उनका समृद्ध आंतरिक संसार, रचनात्मक सोच और खुद के साथ सहज रहने की क्षमता उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाती है. यह आदत आलस्य नहीं, बल्कि आत्म-देखभाल और संतोष का संकेत है.
नए साल 2026 में स्वास्थ्य विशेषज्ञ छोटे और व्यावहारिक हेल्थ रेजोल्यूशन अपनाने की सलाह दे रहे हैं. रोज 30 मिनट की गतिविधि, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, पानी का सही सेवन और तनाव प्रबंधन से फिटनेस बेहतर होती है, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है और लंबी उम्र पाई जा सकती है.
हृदय विशेषज्ञों के अनुसार रात के समय दिल के दौरे का जोखिम केवल बीमारी पर नहीं, बल्कि सोने की मुद्रा और नींद से जुड़ी आदतों पर भी निर्भर करता है. हाल के अध्ययनों और अनुभवी आईसीयू नर्सों की सलाह के मुताबिक, बाईं करवट हल्के मुड़े घुटनों के साथ सोना दिल पर दबाव कम करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है. हालांकि, केवल मुद्रा बदलना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कुछ अतिरिक्त सावधानियां अपनाना भी जरूरी है.
पेट्रोल कारों और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों के बीच माइलेज का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही हाइब्रिड तकनीक की कीमत भी लाखों रुपये ज्यादा है. ऐसे में कार खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के सामने यह बड़ा सवाल है कि बेहतर माइलेज के लिए ज्यादा पैसे खर्च करना सही फैसला है या नहीं.
“सोने से पहले तकिए पर 2–3 बूँदें लैवेंडर तेल डालें। इसकी खुशबू तनाव कम करती है, शरीर को शांत करती है और नींद को गहरा बनाती है। भले ही असर कुछ हद तक विश्वास (प्लेसबो) से हो, फिर भी सोने का माहौल सुखद और आरामदायक बनता है।”
कभी सिर्फ व्रत के खाने तक सीमित मखाना आज हेल्थ-फ्रीक लोगों की थाली में जगह बना चुका है। लो-कैलोरी और हाई-फाइबर स्नैक होने के कारण इसे सुपरफूड कहा जा रहा है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, मखाना वजन घटाने, शुगर कंट्रोल और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है।
आज का सबसे अहम सवाल यही हैक्या स्क्रीन का बढ़ता इस्तेमाल हमें उन लोगों से दूर कर रहा है, जिनसे हम सबसे ज़्यादा प्यार करते हैं?आजकल परिवार के लोग एक ही कमरे में मौजूद होते हैं, लेकिन बातचीत कम और स्क्रीन टाइम ज़्यादा होता है. नतीजा शारीरिक निकटता तो रहती है, पर भावनात्मक जुड़ाव धीरे-धीरे टूटने लगता है. यही स्थिति पारिवारिक समय की परिभाषा को चुनौती देती है.