
सुरेश परिहार (संपादक, लाइव वॉयर न्यूज, पुणे)
प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षाविद् और हिंदी सेवी डॉ. प्रभुलाल चौधरी के असामयिक निधन से साहित्य एवं सांस्कृतिक जगत में गहरा शोक व्याप्त है वे प्रयागराज के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रवास से उज्जैन लौट रहे थे, तभी रविवार संध्या यह दुखद समाचार सामने आया उनके निधन ने देशभर के साहित्यकारों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों को स्तब्ध कर दिया सोमवार को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव कसारी चौहान (जिला रतलाम) में पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में परिजन, शुभचिंतक और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे.
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एक नायाब संदूक
साहित्य और समाज के प्रति समर्पित जीवन
डॉ. चौधरी जीवनभर साहित्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय रहे वे कई प्रतिष्ठित संस्थाओं से जुड़े रहे और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए निरंतर कार्य करते रहे राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के संस्थापक के रूप में उनकी विशेष पहचान थी हिंदी भाषा के प्रति उनका प्रेम और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक विशिष्ट व्यक्तित्व बनाती है. उनके निधन से उत्पन्न शून्य को भर पाना निकट भविष्य में संभव नहीं दिखता विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है

साइलेंट अटैक: बढ़ता खतरा, बढ़ती चिंता
बताया जा रहा है कि डॉ. चौधरी को प्रयागराज से लौटते समय साइलेंट हार्ट अटैक आया था पिछले कुछ समय में इस तरह के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है, जिसने आम लोगों के मन में चिंता पैदा कर दी है. आजकल अक्सर ऐसे मामले सामने आ रहे हैं. कहीं शादी में डांस करते हुए, कहीं शॉपिंग के दौरान या फिर ऑफिस में काम करते-करते लोग अचानक गिर पड़ते हैं सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं
क्या है साइलेंट अटैक?
साइलेंट अटैक वह स्थिति है, जिसमें हार्ट अटैक के पारंपरिक लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते इसमें तेज सीने का दर्द नहीं होता, बल्कि हल्की थकान, घबराहट, पसीना आना या सांस फूलना जैसे लक्षण होते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार व्यक्ति को यह तक पता नहीं चलता कि उसे हार्ट अटैक आया था
क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
बिगड़ती जीवनशैली- फास्ट फूड, शारीरिक गतिविधि की कमी और अनियमित दिनचर्या दिल के लिए खतरा बनती जा रही है
बढ़ता मानसिक तनाव -लगातार तनाव और चिंता हृदय स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित करते हैं
हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज- ये बीमारियां धीरे-धीरे धमनियों को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है
खराब नींद-कम सोना या अनियमित नींद भी दिल के लिए खतरनाक साबित हो रही है
क्यों खतरनाक है साइलेंट अटैक?
साइलेंट अटैक का सबसे बड़ा खतरा यही है कि यह बिना चेतावनी के आता है इसके लक्षण इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं परिणामस्वरूप समय पर इलाज नहीं मिल पाता और स्थिति गंभीर हो जाती है. नागदा चौधरी हॉस्पिटल के प्रमुख डॉ. सुनील चौधरी ने बताया कि का कहना है कि इस विषय में जागरूक रहना बेहद जरूरी है, लेकिन अनावश्यक डर फैलाना सही नहीं है हर अचानक मौत को साइलेंट अटैक से जोड़ना भी उचित नहीं है
बचाव के आसान उपाय
नियमित हेल्थ चेकअप: ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें
रोजाना व्यायाम: कम से कम 30 मिनट वॉक या योग करें
संतुलित आहार: कम तेल-नमक और ज्यादा फल-सब्जियां शामिल करें
तनाव प्रबंधन: ध्यान, प्राणायाम और पर्याप्त नींद लें
शरीर के संकेत पहचानें: अचानक थकान, घबराहट या सांस लेने में तकलीफ को नजरअंदाज न करें
डॉ. प्रभुलाल चौधरी का निधन न केवल साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह हमें एक गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी भी देता है बदलती जीवनशैली के इस दौर में हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होगा उनका जीवन हमें प्रेरित करता है, और उनका जाना हमें यह याद दिलाता है कि जीवन अनमोल है. इसे संभालना हमारी जिम्मेदारी है

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