
सुरेश परिहार, लाइव वॉयर न्यूज, पुणे
उज्जैन-हिंदू नववर्ष विक्रम संवत् 2083 की शुरुआत उज्जैन में गुरुवार सुबह श्रद्धा और उल्लास के साथ हुई. रामघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और सूर्य को अर्घ्य देकर शंख ध्वनि के बीच नववर्ष का स्वागत किया.धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी, इसलिए इस दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है.
इसी के साथ चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ भी हुआ. इस बार नवरात्रि पूरे 9 दिनों तक मनाई जाएगी. शुभ मुहूर्त में मंदिरों में घटस्थापना की गई और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.उज्जैन में गुड़ी पड़वा भी पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया. महाराष्ट्रीयन परिवारों ने सुबह गुड़ी सजाकर विधि-विधान से पूजा की और पूरनपोली, श्रीखंड-पूरी जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए.फ्रीगंज स्थित लोकशक्ति भवन में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा और नगर निगम सभापति कलावती यादव ने गुड़ी पूजन किया.
फव्वारा चौक से विक्रम संवत ध्वज यात्रा की शुरुआत हुई, जबकि निकास चौराहे और चामुंडा माता चौराहे पर नागरिकों को तिलक लगाकर नीम, गुड़ और धनिया वितरित किया गया.
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नवरात्रि को लेकर शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं. हरसिद्धि मंदिर में गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा और श्रद्धालुओं को 9 दिनों तक फलाहारी खिचड़ी वितरित की जाएगी. साथ ही प्रतिदिन दीपमालिकाएं प्रज्वलित की जाएंगी.
चामुंडा माता मंदिर में घटस्थापना के साथ अखंड ज्योत जलाई गई है. यहां प्रतिदिन हवन, दुर्गा सप्तशती का पाठ और सुबह-शाम महाआरती होगी.
वहीं गढ़कालिका मंदिर में भी नवरात्रि के दौरान विशेष आरती और दीपमालिकाओं का आयोजन किया जाएगा.
