कंचनमाला ‘अमर’: बहुआयामी हस्ताक्षर 

कंचनमाला अमर हिंदी लेखिका कंचनमाला अमर

हिंदी साहित्य की सशक्त और बहुआयामी हस्ताक्षर कंचनमाला ‘अमर’, जिन्हें साहित्यिक जगत में ‘उर्मी’ के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रतिभाशाली लेखिका, शिक्षिका, गायिका और कला-साधिका हैं। उनका व्यक्तित्व शिक्षा, कला और साहित्य के सुंदर समन्वय का जीवंत उदाहरण है।
नई दिल्ली निवासी कंचनमाला ‘अमर’ ने विज्ञान, शिक्षा और कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। उन्होंने M.Sc. (रसायन शास्त्र), M.Ed., M.A. (कंठ संगीत) तथा B.A. (कत्थक नृत्य) की उपाधियाँ प्राप्त की हैं। वर्तमान में वे शिक्षा शास्त्र में शोधरत हैं, जहाँ उनका शोध विषय “Study of Professional Commitment and Occupational Stress with respect to Low and High Spiritual Intelligence” है, जो शिक्षा और मनोविज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अध्ययन है।

व्यवसायिक रूप से वे राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नई दिल्ली में विज्ञान विषय की शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं और शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।साहित्यिक क्षेत्र में कंचनमाला ‘अमर’ की लेखनी अत्यंत समृद्ध और प्रभावशाली है। उनका एकल काव्य संग्रह “इसी रहगुज़र से” पाठकों द्वारा सराहा गया है। इसके अतिरिक्त वे कई साझा काव्य संग्रहों “शिव गाथा”, “मंजिलें एक कदम”, “हर कदम साथ हैं”, “परवाज़ कलम की”, “कश्तियाँ”, “अब चले आओ”, “यादें” का हिस्सा रही हैं।
उनकी कविताएँ और लेख देश की अनेक प्रतिष्ठित पत्र–पत्रिकाओं जैसे “प्रेरणा अंशु”, “आंजुर”, “साहित्य सरोवर”, “प्रतिध्वनि”, “हमारी वाणी”, “इंदौर समाचार”, “नव उदय पत्रिका”, “पूर्वांचल टाइम्स” आदि में प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राब्ता, फ्लोरेंट प्रकाशन, सारा सुख, भारत भारती, नाशिस्त, चेतना मंच, मन में है विश्वास, नवल रश्मि – एक भोर नयी, काव्य अमृत धारा जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर काव्य-पाठ कर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है।उनकी कला यात्रा केवल लेखन तक सीमित नहीं है। वे रेडियो आर्टिस्ट (1988–1998) भी रह चुकी हैं और साधना टीवी के काव्य कार्यक्रमों में भी काव्य-पाठ कर चुकी हैं, जिससे उनकी रचनात्मकता को व्यापक मंच मिला है।उनके साहित्यिक योगदान को अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सराहा गया है, जिनमें प्रमुख हैं-
कवि श्री माखनलाल चतुर्वेदी नव उदय साहित्य सम्मान,
श्रेष्ठ शब्द शिल्पी सम्मान,
चेतना काव्यकार सम्मान,
काव्य शिरोमणि सम्मान,
विजेता सम्मान,
भजन सम्राज्ञी सम्मान तथा साधना टीवी द्वारा सम्मान।
इसके अतिरिक्त, वे कई प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सामाजिक मंचों नव कुंभ सेवा साहित्य संस्थान, परवाज़ (उड़ान कल्पनाओं की), काव्यांगन, चेतना मंच, फ्लोरेंट पब्लिकेशन, अभिव्यक्ति, हिमाचल दर्शन, सुर संगम काव्य गंग धारा, मन में है विश्वास, मैथिलानी सिस्टर्स, मंज़िल ग्रुप साहित्यिक मंच (मगसम), सोशल एंड मोटिवेशनल ट्रस्ट ग्रुप से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं और निरंतर काव्य-पाठ व साहित्यिक गतिविधियों में सहभागिता निभाती हैं।
कंचनमाला ‘अमर’ की लेखनी में संवेदनाओं की गहराई, आध्यात्मिक दृष्टि और जीवन के विविध अनुभवों की सहज अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। वे अपने शब्दों के माध्यम से पाठकों के मन को छूने और समाज को सकारात्मक दिशा देने का सतत प्रयास करती हैं।

4 thoughts on “कंचनमाला ‘अमर’: बहुआयामी हस्ताक्षर 

  1. यहां कंचनमाला जी से मिलकर ( जानकर ) प्रसन्नता हुई।‌

  2. वाह सुंदर परिचय🌼लेखिका को शुभकामनाएं। 💐

  3. Kanchanmala meri bhut achhi dost he aur mujhe bhut Naaj he in pe aur apne upar garv ki itni talanted versatile personality meri dost he, luv u dear, 😘

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