पल्लू में बँधा आसमाँ
“पल्लू में बँधा आसमाँ” माँ की ममता, स्मृतियों और भावनात्मक विरासत को समर्पित एक मार्मिक हिंदी कहानी है। माधव अपनी दिवंगत माँ की पुरानी साड़ी को केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि बचपन की सुरक्षा, प्रेम और अपनत्व का प्रतीक मानता है। उसकी मंगेतर अनन्या उस साड़ी को अपने विवाह के जोड़े का हिस्सा बनाकर यह सिद्ध करती है कि सच्ची विरासत वस्तुओं में नहीं, उनसे जुड़ी भावनाओं में बसती है। यह कहानी माँ के अटूट स्नेह और परिवार के अमूल्य रिश्तों को बेहद संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती है।
