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सुख-दुख के मौसम आते हैं…

सुख-दुख और मानवता का संदेश देती हिंदी कविता सुख-दुख जीवन के बदलते मौसम हैं, मानवता और प्रेम ही जीवन को सुंदर बनाते हैं.

रंजना सिंह “अंगवाणी बीहट” बेगूसराय, बिहार

जीवन मानव का है प्यारा।
सुखद, मनोहर है यह न्यारा।।

आओ मिलकर मौज मनाएँ।
आपस में हम प्रेम लुटाएँ।।
मानवता है धर्म हमारा।
सुखद, मनोहर है यह न्यारा।।

समता का हम पाठ पढ़ाएँ।
मानव मन का भेद मिटाएँ।
यही फ़र्ज़ है जन का यारा।
सुखद, मनोहर है यह न्यारा।।

करें भलाई जन-जन की हम।
तभी मिटेगा जग से ये तम।
अमन-चैन हो अब जग सारा।
सुखद, मनोहर है यह न्यारा।।

मुनि जन ये सार बताते हैं।
“सुख-दुख के मौसम आते हैं।”
जैसे दिन-धूप, रात-तारा।
सुखद, मनोहर है यह न्यारा।।

जीवन मानव का है प्यारा।
सुखद, मनोहर है यह न्यारा।।

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