गणित और जिंदगी
यह कविता गणित के प्रतीकों—जोड़, घटाव, शून्य और अनंत—के माध्यम से जीवन, रिश्तों और दृष्टिकोण की जटिलताओं को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत करती है।

यह कविता गणित के प्रतीकों—जोड़, घटाव, शून्य और अनंत—के माध्यम से जीवन, रिश्तों और दृष्टिकोण की जटिलताओं को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत करती है।
बालकनी केवल घर का हिस्सा नहीं, मन का खुला आकाश है। यह वह स्थान है जहाँ विचारों को उड़ान मिलती है, सपनों को पंख लगते हैं और जीवन की छोटी-बड़ी हलचलें दिखाई देती हैं। कभी नन्ही चिड़िया यहाँ समय बिताती है, तो कभी गिलहरी अपने करतब दिखाती है। महिलाएँ सजती हैं, युवा मोबाइल में खो जाते हैं, बुज़ुर्ग यादों के किस्से सुनाते हैं और बच्चे दुनिया को समझते हैं। यही जगह आँसू छुपाने, उदासी मिटाने और क्रोध शांत करने का भी सहारा बनती है। अंत में एक कप कॉफी संग मुस्कुराहट लौट आती है।
“तेरे जाने के बाद” एक मार्मिक हिंदी कविता है, जो किसी अपने के बिछड़ने के बाद जीवन में आए बदलावों को दर्शाती है। इसमें जिम्मेदारियों के बीच छिपे दर्द, घर के खाली कोने, यादों की चुप्पी और समय की सच्चाई को बेहद संवेदनशीलता से व्यक्त किया गया है। यह कविता बताती है कि समय घाव भरता नहीं, बल्कि जीना सिखाता है। मुस्कान के पीछे छिपा खालीपन और भीतर की थकान हर उस व्यक्ति की भावना है जिसने किसी खास को खोया है। यह कविता दर्द के साथ जीवन की परिपक्वता भी सिखाती है।
“पल-पल जीवन” कविता जीवन के निरंतर बहाव, संघर्ष और सौंदर्य को दर्शाती है। इसमें प्रकृति के माध्यम से जीवन के विभिन्न रूपों खुशी, विवशता, आशा और संघर्ष का चित्रण किया गया है। यह कविता हमें सिखाती है कि हर कठिन समय के बाद भी जीवन आगे बढ़ता रहता है और नई उम्मीदें जन्म लेती हैं।