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उज्जैन रेलवे स्टेशन का डिजाइन फिर बदला

उज्जैन रेलवे स्टेशन की डिजाइन बदलने के कारण काम एक बार फिर लेट हो गया है। बताया जा रहा है कि अब स्टेशन का नई डिजाइन में निर्माण सिंहस्थ के बाद ही हो सकेगा।15 महीने पहले उज्जैन समेत इंदौर, नागदा, खाचरौद, आलोट और रतलाम मंडल के 11 रेलवे स्टेशनों का पीएम मोदी ने भूमि पूजन किया था। इनमें से उज्जैन को छोडक़र बाकी सभी स्टेशनों पर कार्य शुरू हो चुका है। नागदा स्टेशन का कार्य अंतिम चरण में है।

उज्जैन रेलवे स्टेशन को वल्र्ड क्लास बनाने के लिए 26 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली भूमि पूजन किया था। इसे आगामी सिंहस्थ कुंभ के लिए भव्य रूप दिया जाना था। लेकिन आपसी खींचतान और ड्राइंग में बार-बार हुए बदलावों के कारण फिलहाल रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य रोक दिया गया है। अब यह काम सिंहस्थ कुंभ के बाद शुरू किया जाएगा।

476 करोड़ रुपए की लागत से हाईटेक बनाया जाना था

दरअसल उज्जैन रेलवे स्टेशन को लगभग 476 करोड़ रुपए की लागत से हाईटेक बनाया जाना था। इसे 2028 में होने वाले कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाना था। पीएम मोदी खुद इसे भव्य बनाने का सपना देख रहे थे। जानकारी के मुताबिक, भूमि पूजन के समय जो ड्राइंग बनाई गई थी, उसे अब तक दो बार बदला जा चुका है। 8 महीने पहले स्टेशन की ड्राइंग फिर से बदली गई थी। बार-बार आने वाली अड़चनों के चलते अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि स्टेशन का निर्माण कार्य कुंभ से पहले शुरू नहीं होगा।

दो बार बदला गया स्टेशन का डिजाइन

उज्जैन-आलोट से सांसद अनिल फिरोजिया ने भी स्वीकार किया है कि स्टेशन निर्माण में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि उज्जैन रेलवे स्टेशन को अगले दो सालों में एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से युक्त और भव्य रूप में तैयार किया जाना था। लेकिन प्लान में बदलाव के कारण देरी हो गई है। स्टेशन का डिजाइन दो बार बदला गया है। सांसद ने कहा कि यह बड़ा प्रोजेक्ट है और पीएम मोदी भी चाहते हैं कि उज्जैन, जो आस्था का केंद्र है, वहां एक भव्य रेलवे स्टेशन बने। आने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन के साथ बैठक की गई है, हमने अपना प्लान बताया है। विचार-विमर्श के बाद ठोस योजना बनाई जाएगी। फिलहाल निर्माण कार्य कुंभ के बाद ही शुरू होगा।

ऐसा बनना था उज्जैन रेलवे स्टेशन

देश के 554वें रेलवे स्टेशन का कायाकल्प के लिए पीएम मोदी ने वर्चुअली लोकार्पण और शिलान्यास किया था। स्टेशन पर यात्रियों को कई आधुनिक सुविधाएं दी जानी थीं, जिनमें कैफेटेरिया, मनोरंजन सुविधा के लिए रूफ प्लाजा, शहर के दोनों ओर (पुराना शहर और फ्रीगंज) को जोडऩे वाले स्टेशन भवन, फूड कोर्ट, वेटिंग लाउंज, बच्चों के खेलने की जगह और स्थानीय उत्पादों के लिए जगह आदि की सुविधाएं दी जानी थी।

30 करोड़ लोग आयेंगे सिंहस्थ में

सिंहस्थ में लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं उज्जैन आएंगे। लेकिन अब तक रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। सिंहस्थ के आयोजन में केवल तीन साल बचा हैं, फिर भी कार्य में तेजी नहीं लाई गई। अब स्थिति यह है कि उज्जैन रेलवे स्टेशन का कार्य पूरी तरह से रोक दिया गया है।

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