gulmohar
दीदार: तेरे इश्क़ में रुसवाई और इंतज़ार की भावपूर्ण कविता

दीदार

कभी एक नज़र का दीदार पूरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी खुशी बन जाता है, तो कभी वही दीदार उम्रभर का इंतज़ार छोड़ जाता है। यह कविता मोहब्बत, बिछड़न, ख़ामोशी और अनकहे जज़्बातों की ऐसी दास्तान है, जहाँ हर शेर दिल की धड़कनों से निकलकर सीधे रूह तक पहुँचता है। प्रेम के दर्द और दीदार की तड़प को महसूस कराती यह रचना हर प्रेमी के मन की आवाज़ बन जाती है।

Read More
अवधेशानंदजी महाराज से बातचीत करते वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा

जब बेबाक पत्रकार भी कुछ पल के लिए ठहर गए

वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा ने बड़े-बड़े लोगों से बेबाक बातचीत की है, लेकिन अवधेशानंदजी महाराज के सामने उनकी सहजता में एक अलग ही भाव दिखाई दिया. यह मुलाकात सम्मान, आत्मीयता और लंबे समय से संजोई इच्छा की कहानी है.

Read More
दीक्षांत समारोह में आकांक्षा शर्मा को गोल्ड मेडल देते हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री

महिदपुर रोड की बेटी आकांक्षा शर्मा का परचम

महिदपुर रोड की प्रतिभाशाली छात्रा आकांक्षा शर्मा ने सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय में एमएससी जूलॉजी में प्रथम स्थान प्राप्त कर शानदार उपलब्धि हासिल की। 30वें दीक्षांत समारोह में उन्हें राज्यपाल मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दो गोल्ड मेडल और “बेस्ट स्टूडेंट” सम्मान से नवाजा गया। उनकी इस सफलता से पूरे महिदपुर रोड में गर्व और उत्साह का माहौल है।

Read More
हिंदी भाषा के सम्मान और राष्ट्रभाषा के गौरव को दर्शाता भारतीय दृश्य

हिंदी का सम्मान करें

हिंदी भाषा के सम्मान और राष्ट्रभाषा के स्वर को सशक्त रूप में प्रस्तुत करती यह कविता भारत की सांस्कृतिक एकता और भाषाई गौरव का संदेश देती है।

Read More
रिश्तों में विश्वासघात से दुखी महिला की भावनात्मक तस्वीर

चोर

क्या चोर केवल वही होते हैं, जो घरों से सामान चुराते हैं? कभी-कभी अपने ही किसी के जीवन की सबसे अनमोल खुशियाँ और रिश्ते छीन लेते हैं। ‘चोर’ विश्वासघात, रिश्तों की टूटन और मन की अनकही पीड़ा को उजागर करती एक संवेदनशील कहानी है।

Read More
"बोगनवेलिया सी लड़की: थोड़े प्यार में खिलने वाली मासूम कहानी"

बोगनवेलिया सी लड़की

यह कविता एक ऐसी सरल और संवेदनशील लड़की का चित्र खींचती है, जो बहुत कम चाहतों में भी खुश रहना जानती है। उसे बस थोड़ा सा प्यार और देखभाल चाहिए, और बदले में वह अपने स्नेह और समर्पण से जीवन को फूलों सा सजा देती है। वह बोगनवेलिया की तरह है नाज़ुक भी, मगर भीतर से बेहद मजबूत। चाहे परिस्थितियाँ उसे काटें-छांटें, वह बिना शिकायत खामोशी से अपने प्रेम और मासूमियत को बनाए रखती है।

Read More
Street food vendor cooking on stove with limited gas cylinder amid LPG crisis in India

एलपीजी संकट : रेस्टोरेंट मेन्यू से गायब हो रहे व्यंजन

भारत में बढ़ती एलपीजी कमी का असर अब रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड व्यवसाय पर साफ दिखाई दे रहा है। गैस की कमी के कारण कई शहरों में रेस्टोरेंट अपने मेन्यू से डोसा, रोटी, भटूरा और धीमी आंच पर बनने वाले व्यंजन हटाने लगे हैं।

Read More

वो ही माँ बनाने को मन करता है

एक नंगी ईंट की दीवार और उसके पास चूल्हा, जिस पर उपले की आँच में रोटियाँ सिकती हैं। माँ के पास चिमटा तो है, फिर भी कभी-कभी ऐसा लगता है कि उसके जीवन से कुछ पल चुराए जाएँ। उसकी तपती ज़िंदगी, खुरदरी हथेलियाँ और जीवन की सारी सिलवटें यह सब गहरी कहानियाँ बयां करती हैं। समय तो गुजर चुका है, लेकिन जो आँसू उसने छुपाए थे, उन्हें समझने और पोछने की इच्छा रहती है। यह एक नज़दीकी और भावनात्मक दृष्टिकोण है, जिसमें माँ के संघर्ष और उसके भीतर छुपी कोमलता दोनों ही सामने आती हैं।

Read More

एक-दूजे में समाने की वह रात

हल्की बारिश, चाय की महक और प्रेम से भरी एक शांत शाम. राघव और रिद्धिमा के बीच शब्दों से परे एक ऐसा रिश्ता है, जहाँ विश्वास, अपनापन और आत्माओं का मिलन प्रेम को एक नए अर्थ में बदल देता है. यह कहानी दो दिलों की उस रात की दास्तान है, जब प्रेम कविता नहीं, बल्कि घर बन गया.

Read More