वर्दी की आड़ में विश्वासघात: पुलिस हवलदार बना ठग

र्दी की आड़ में ठगी का खेल: निलंबित पुलिस हवलदार आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार

पदक से लेकर पत्नी की बीमारी तक, हर बहाने से लूटता रहा सराफ और महिलाएं

पुणे. पुलिस की वर्दी, वरिष्ठ अधिकारियों के नाम और सरकारी रुतबे का डर दिखाकर सराफों और महिलाओं को जाल में फंसाने वाला निलंबित पुलिस हवलदार आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया. गणेश अशोक जगताप उम्र 52 वर्ष, निवासी वाकड, वर्षों तक खुद को ताकतवर साबित कर लोगों से भरोसा जीतता रहा और उसी भरोसे को ठगता रहा.

जांच में सामने आया है कि जगताप ने राष्ट्रपति पदक हासिल करने की लालसा में अपनी गोपनीय रिपोर्ट से सजा से जुड़े पन्ने तक गायब कर दिए और फर्जी दस्तावेज जोड़ दिए. वर्ष 2011 में सरकारी धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के बाद उसे निलंबित किया गया, लेकिन निलंबन भी उसके लिए ब्रेक नहीं बन सका.

कभी पत्नी की बीमारी का रोना, कभी बेटी की पढ़ाई का हवाला और कभी वरिष्ठ अधिकारियों का नाम लेकर वह सराफों से लाखों के आभूषण खरीद लेता और भुगतान किए बिना गायब हो जाता. पुणे के अलग-अलग इलाकों में उसने महिलाओं से नकद और सोने के आभूषण लेकर उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया.

जब पुलिस की टीमें उसके पीछे लगीं तो वह महाराष्ट्र छोड़कर आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले के एक छोटे से गांव में छिप गया. वहां वह मंदिर में नियमित दर्शन के बहाने खुद को सामान्य भक्त के रूप में पेश करता रहा. लेकिन एक तस्वीर ने उसका भेद खोल दिया. मंदिर के पुजारी ने उसे पहचान लिया और पुलिस किराए के कमरे तक पहुंच गई.

आखिरकार रविवार दोपहर पुलिस ने उसे दबोच लिया. अब सलाखों के पीछे पहुंचा यह फर्जी रुतबे का सौदागर पुलिस रिमांड में है. जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि उसने वर्दी की आड़ में और कितनों को ठगा और कितनी काली कमाई की.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *