रिश्तों का सच
एक मार्मिक कविता जो आधुनिक रिश्तों के छल, दिखावे और अंदरूनी सच्चाई को उजागर करती है जहां साथ होकर भी लोग अलग दुनिया में जीते हैं।

एक मार्मिक कविता जो आधुनिक रिश्तों के छल, दिखावे और अंदरूनी सच्चाई को उजागर करती है जहां साथ होकर भी लोग अलग दुनिया में जीते हैं।
श के ग्रामीण इलाकों में गेहूं की कटाई और मड़ाई के दौरान थ्रेसर मशीनों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। जहां ये मशीनें किसानों की मेहनत को आसान बनाती हैं, वहीं इनके कारण होने वाले हादसों में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। यह घटनाएं केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे कई परिवारों का दर्द और टूटते सपने छिपे होते हैं।
“माँ के आगमन का पैगाम” एक सुंदर और भावपूर्ण भक्ति कविता है, जो नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ दुर्गा के आगमन की खुशी और आध्यात्मिक ऊर्जा को व्यक्त करती है। इस कविता में प्रकृति और मानव जीवन के बीच के उस गहरे संबंध को दर्शाया गया है, जो माँ के आगमन के साथ नवजीवन और उत्साह से भर उठता है।
मेरी माँ है तू” एक अत्यंत भावपूर्ण भक्ति कविता है, जिसमें एक भक्त का अपनी माँ दुर्गा के प्रति अटूट विश्वास, प्रेम और समर्पण झलकता है। इस कविता में कवयित्री ने स्वयं को माँ की बेटी के रूप में प्रस्तुत करते हुए जीवन भर उनकी शरण में रहने की भावना व्यक्त की है।
मुंबई में ‘स्त्री : परम्परा और प्रगति की देहरी पर’ विषय पर आयोजित एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम में स्त्री जीवन के विविध आयामों पर गंभीर विमर्श किया गया। ‘बतरस : एक अनौपचारिक उपक्रम’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता विभा रानी ने स्त्री-पुरुष असमानता, सामाजिक रूढ़ियों और आधुनिक चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
“मेरी प्रिय कविता” एक ऐसी भावनात्मक रचना है, जिसमें कवयित्री ने अपने मन और शब्दों के बीच के गहरे संबंध को बेहद सहज और सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया है। यह कविता बताती है कि कैसे कविता केवल शब्दों का समूह नहीं होती, बल्कि यह मन की उलझनों को सुलझाने का माध्यम भी बन जाती है।
महिदपुर रोड में टीआई मदन सिंह पंवार ने श्मशान समिति को ₹51,000 की दान राशि देकर समाज सेवा की प्रेरणादायक मिसाल पेश की। उनके इस कदम से न केवल विकास कार्यों को बल मिलेगा, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होगी।
“कलश स्थापना एवं महत्व” एक आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक लेख है, जो नवरात्रि के पावन अवसर पर किए जाने वाले इस महत्वपूर्ण अनुष्ठान की गहराई को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है। नवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जिसमें देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना की जाती है।
“वो जो छुट्टियां थीं” एक भावनात्मक और नॉस्टेल्जिक लेख है, जो हमें सीधे बचपन की उन सुनहरी यादों में ले जाता है, जहाँ नानी का घर हर खुशी का केंद्र हुआ करता था। यह रचना केवल छुट्टियों का वर्णन नहीं, बल्कि उस दौर की सादगी, अपनापन और पारिवारिक जुड़ाव की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करती है।
“एक पथिक” एक गहन भावनात्मक हिंदी कविता है, जिसमें सागर और पथिक के प्रतीकों के माध्यम से मन की व्यथा, प्रेम, प्रतीक्षा और आत्मसंवाद को अत्यंत मार्मिक ढंग से व्यक्त किया गया है। यह कविता केवल बाहरी दृश्य का चित्रण नहीं करती, बल्कि भीतर चल रहे भावनात्मक द्वंद्व और एकाकीपन की गहराई को उजागर करती है।