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खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल: हौसलों को न गिराया कर

उम्मीदों की ग़ज़ल

यह खूबसूरत ग़ज़ल जीवन के गहरे सत्य को सरल शब्दों में व्यक्त करती है। इसमें प्रेम, धैर्य, हौसला और आत्मविश्वास का संदेश छिपा है। ज़िन्दगी कठिन हो सकती है, मगर उसे अपनाना ही जीत है। टूटे ख्वाबों के बाद भी हिम्मत बनाए रखना, दिल की हर बात हर किसी से न कहना और रोशनी को बांटते रहना ये ग़ज़ल इन्हीं जीवन मूल्यों को सलीके से सामने लाती है। हर शेर इंसान को भीतर से मजबूत बनने, खुद से जुड़ने और उम्मीद की लौ जलाए रखने की प्रेरणा देता है।

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alt text: Two hands gently holding a symbolic thread representing relationships, warm emotional atmosphere, soft light, trust, balance, connection, meaningful human bond, realistic artistic scene.

रिश्तों की डोर

स्वरा सुरेखा अग्रवाल (उत्तरप्रदेश) रिश्तों की डोर दोनों ओर से मजबूत होनी चाहिए। जितने ज़्यादा रिश्ते, उतनी डोर झुकेगी। रिश्तों की गति मद्धम होनी चाहिए, फास्ट नहीं, ज़रा स्लो रखिए। गर्माहट की तपिश स्निग्ध हो, पकड़ कोज़ी हो, चाशनी कम और कड़वाहट मनमोहक—यानी संतुलन ज़रूरी है। बांधिए भी उतना कि घुटन न हो, पकड़िए भी…

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उज्जैन गर्मी समाचार

अप्रैल में ही भीषण गर्मी का प्रकोप, पारा 43 डिग्री पार

उज्जैन में भीषण गर्मी का प्रकोप, तापमान 43 डिग्री पार. प्रशासन ने 1 से 8वीं तक के स्कूल बंद किए, 9–12वीं का समय बदला. जानिए पूरी खबर.

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रामघाट रोड पर चल रहा चौड़ीकरण कार्य और मकानों की तोड़फोड़

रामघाट मार्ग चौड़ीकरण की शुरुआत, मकानों का हटाना शुरू

उज्जैन। रामघाट जाने वाले प्रमुख मार्ग पर चौड़ीकरण कार्य के तहत तोड़फोड़ की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है, ताकि पर्व और विशेष अवसरों पर रामघाट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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चिट्ठी उनके नाम की कविता

चिठ्ठी उनके नाम की

एक खूबसूरत हिंदी कविता “चिट्ठी उनके नाम की” जिसमें यादें, प्रेम और भावनाओं की गहराई को शब्दों में पिरोया गया है। दिल को छू लेने वाली यह कविता

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महाभारत की सभा में खड़ी द्रौपदी, पांडवों और भीष्म के सामने प्रश्न उठाती हुई

पुरुषार्थ

महाभारत के द्यूत क्रीड़ा प्रसंग के बाद का एक भावनात्मक और विचारोत्तेजक चित्रण है, जहाँ द्रौपदी पांडवों और भीष्म पितामह के सामने अपने अपमान और न्याय के प्रश्न उठाती हैं। यह रचना न केवल पौराणिक घटना को जीवंत करती है, बल्कि आज के समाज में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता को भी उजागर करती है। जानिए सच्चे पुरुषार्थ का अर्थ क्या है।

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आईने के सामने खड़ी एक महिला, जो अपने भीतर के विभिन्न भावों को महसूस कर रही है

मैं मुझमें, मुझमें मैं

“मैं ही उजाला, मैं ही अँधेरा हूँ, मैं ही ख़ुशी, मैं ही दुःख हूँ…”जब इंसान खुद को पूरी तरह स्वीकार कर लेता है,तो उसे किसी और की ज़रूरत नहीं रह जाती. वह खुद में ही एक पूरी दुनिया बन जाता है।

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स्त्री का संवेदनशील चित्रणजो हर मौसम में दूसरों के लिए बदलती है

एक औरत

“एक औरत मुस्कुराते हुए ढाल लेती है खुद को
तुम्हारी ज़रूरत के हर मौसम में… पर क्या तुम ढाल सकते हो खुद को उसकी मुस्कुराहट के लिए?”
एक छोटा सा सवाल, जो रिश्तों की पूरी सच्चाई खोल देता है।

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एक भारतीय महिला अकेले बैठी, चेहरे पर थकान और भीतर दबे भावों के साथ सोच में डूबी हुई

क्या हक है उसे ?

क्या मैं अपने लिए जी नहीं सकती? अपने लिए कुछ कर नहीं सकती?” यह सिर्फ एक सवाल नहीं, बल्कि हर उस स्त्री की आवाज़ है जो चुप रहकर सब सहती रही। यह कविता उसके भीतर उठते दर्द, आत्मसम्मान और अपने हक के लिए जागती चेतना की सच्ची अभिव्यक्ति है।

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एक व्यक्ति शांत वातावरण में डायरी लिखते हुए, मन की गहराई को व्यक्त करता हुआ

मन की कही

“मन की कही” एक भावनात्मक और आत्मचिंतन से भरी हिंदी रचना है, जो मन की उन अनकही बातों को व्यक्त करती है जिन्हें हर किसी से साझा नहीं किया जा सकता। यह लेख विश्वास, आत्मीयता और मौन के महत्व को उजागर करता है, और बताता है कि क्यों हर दिल हमारे रहस्यों का भार नहीं उठा सकता। अंत में यह संदेश देता है कि एक पुस्तक ही सबसे सच्ची और निस्संदेह साथी बन सकती है।

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