‘अर्तम’ काव्य संग्रह समीक्षा: दिव्या सक्सेना की संवेदनशील कविताएं
मकालीन हिंदी कविता के बदलते परिदृश्य में दिव्या सक्सेना का काव्य संग्रह ‘अर्तम’ एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप के रूप में सामने आता है। यह केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि जीवन, संवेदना और आध्यात्मिक चेतना की गहरी पड़ताल है।
आज के दौर में जहां कविता अक्सर सपाट बयानी और अतुकांत शैली तक सीमित होती जा रही है, वहीं ‘अर्तम’ अपनी प्रतीकात्मकता, भाव-गहनता और सांस्कृतिक जुड़ाव के कारण अलग पहचान बनाता है। इस संग्रह में शिवत्व, आत्मबोध, स्त्री-चेतना और जीवन संघर्ष जैसे विषयों को सहज लेकिन प्रभावी भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
एक नायाब संदूक
“एक नायाब संदूक” केवल एक कविता नहीं, बल्कि स्मृतियों का ऐसा कोमल संसार है, जहाँ बचपन की शरारतें, यौवन के सपने और माँ का स्नेह एक साथ सिमट आते हैं। इस कविता में संदूक एक प्रतीक बनकर उभरता है वह स्थान जहाँ जीवन के सबसे अनमोल क्षण सुरक्षित रहते हैं।
1 अप्रैल से महंगी होंगी BMW और MINI कारें, कीमतों में 2% तक बढ़ोतरी
BMW Group India 1 अप्रैल 2026 से अपनी कारों की कीमतों में 2% तक बढ़ोतरी करेगा. यह फैसला बढ़ती लागत और रुपये के अवमूल्यन के कारण लिया गया है.
उज्जैन में दिखेगी खास खगोलीय घटना
21 मार्च को वसंत सम्पात के चलते दिन और रात बराबर होंगे. उज्जैन की वेधशाला में इस अनोखी खगोलीय घटना को प्रत्यक्ष देखा जा सकेगा.
उज्जैन में नववर्ष पर उमड़ा सैलाब, रामघाट पर दिखी आस्था
उज्जैन में हिंदू नववर्ष 2083 की शुरुआत रामघाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ और सूर्य अर्घ्य के साथ हुई. चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ पर मंदिरों में विशेष पूजा और आयोजन शुरू हो गए हैं.
उज्जैन में मंदिर के पास महिला से 60 हजार लूट का आरोप
महाकाल क्षेत्र में एक महिला ने अपनी दुकान में तोड़फोड़ और 60 हजार रुपये लूटे जाने का आरोप लगाया है. पीड़िता के अनुसार, पड़ोसी दुकानदार लगातार दबाव बनाकर दुकान पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया.
द्रौपदी–कृष्ण संवाद
द्रौपदी और श्रीकृष्ण के बीच यह संवाद “विश्वास का वस्त्र” महाभारत की उस पीड़ा को उजागर करता है, जहाँ नारी अस्मिता पर प्रश्न उठे। यह रचना विश्वास, धर्म, और नारी सम्मान के गहरे अर्थ को आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करती है।
टूटता तारा
टूटते तारे से मांगी गई एक मन्नत और उसके बाद आई खबर यह कहानी इश्क, इंतजार और किस्मत की कड़वी सच्चाई को बयां करती है।
प्रभु जी में विलक्षण संगठन क्षमता थी
राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के संयोजक डॉ. प्रभु चौधरी के आकस्मिक निधन से शिक्षा और साहित्य जगत में शोक की लहर है।
