gulmohar

शब्दों में बंधा मेरा दिल

तुम्हारी लिखी हर पंक्ति ने मुझे भीतर तक छू लिया। तुम्हारे शब्दों में गंभीरता और स्त्री‑सम्मान की झलक थी। धीरे‑धीरे तुम्हारा व्यक्तित्व मेरे मन में उतर गया, और अब मुझे लगता है कि मैं तुम्हारी लेखनी की प्रेयसी बन चुकी हूँ। हर रोज़ तुम्हारा लिखा पढ़ना, मेरे लिए एक नयी दुनिया की खोज और प्रेम का अनुभव है।

Read More
महिदपुर रोड में 62 तपस्वियों के भव्य वरघोड़े में शामिल श्रद्धालु

श्रद्धा का विराट कारवां,. तप की यात्रा

महिदपुर रोड में 62 तपस्वियों की तपस्या पूर्णाहुति पर भव्य वरघोड़ा निकाला गया. करीब 3000 लोगों की सहभागिता वाले आयोजन में मुस्लिम और सिख समाज ने तपस्वियों का सम्मान कर सर्वधर्म समभाव की मिसाल पेश की.

Read More

महंगाई

आज की महंगाई ने जीवन को बहुत मुश्किल बना दिया है। हर चीज़ की कीमत बढ़ गई है और आम आदमी का घर चलाना कठिन हो गया है। पहले जो छोटी-सी चीज़ें आसानी से मिल जाती थीं जैसे मोटर या भिंडी . अब उन्हें खरीदना भी मुश्किल हो गया है। तेल न होने पर खाना बनाना भी मुश्किल हो जाता है और परेशानियाँ बढ़ जाती हैं। लोग पूछते हैं तो कुछ कह नहीं पाते, और ना पूछें तो मन में ही दुःख बढ़ता रहता है। महंगाई की मार से जीवन इतना जटिल हो गया है कि इसे अनदेखा करना भी मुश्किल है।

Read More

अपुन की दादीगीरी

पाँचवीं से छठवीं में कदम रखते ही स्कूल मेरे लिए पढ़ाई से ज़्यादा एक अजीब अनुभव बन गया था। कक्षा में न विद्यार्थी थे, न प्रतिस्पर्धा सिर्फ़ मैं और मेरा वर्चस्व। पिता का अनुशासन, स्कूल में उनका रुतबा और मेरी अकेली उपस्थिति ने मुझे अनजाने ही “दादीगीरी” का ताज पहना दिया। यह दादीगीरी डर से नहीं, परिस्थितियों से उपजी थी. जहाँ सीखने के साथ-साथ प्रभुत्व भी अभ्यास का हिस्सा बन गया।

Read More
नदी के किनारे बैठी श्वेता, जो विरह की पीड़ा से निकलकर नई शुरुआत के बारे में सोच रही है।

‘रिहाई’

क्या किसी प्रियजन की स्मृतियों के साथ जीते हुए भी जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है? ‘रिहाई’ की श्वेता को नदी के सहज प्रवाह से इस सवाल का उत्तर मिलता है। यह कहानी विरह, स्मृतियों, आत्ममुक्ति और नई शुरुआत की प्रेरक यात्रा है।

Read More

उस्ताद हमीद खान की याद में पुणे में रिवायत कार्यक्रम

पुणे में 18 जनवरी को चौथा ‘रिवायत’ कार्यक्रम उस्ताद हमीद खान की याद में आयोजित किया जा रहा है। डॉ. बिपुल कुमार राय और अतुल खांडेकर भी इस संगीत संध्या में अपनी कला पेश करेंगे।

Read More
अर्तम काव्य संग्रह की पुस्तक के साथ शिव और कमल का प्रतीकात्मक चित्र

‘अर्तम’ काव्य संग्रह समीक्षा: दिव्या सक्सेना की संवेदनशील कविताएं

मकालीन हिंदी कविता के बदलते परिदृश्य में दिव्या सक्सेना का काव्य संग्रह ‘अर्तम’ एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप के रूप में सामने आता है। यह केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि जीवन, संवेदना और आध्यात्मिक चेतना की गहरी पड़ताल है।

आज के दौर में जहां कविता अक्सर सपाट बयानी और अतुकांत शैली तक सीमित होती जा रही है, वहीं ‘अर्तम’ अपनी प्रतीकात्मकता, भाव-गहनता और सांस्कृतिक जुड़ाव के कारण अलग पहचान बनाता है। इस संग्रह में शिवत्व, आत्मबोध, स्त्री-चेतना और जीवन संघर्ष जैसे विषयों को सहज लेकिन प्रभावी भाषा में प्रस्तुत किया गया है।

Read More

 पुणे में  ‘उगम’ संगीत कार्यक्रम17 अगस्त को

प्रसिद्ध हारमोनियम वादक तन्मय देवचके की स्वरानुजा संगीत अकादमी की और से रविवार, 17 अगस्त 2025 को ‘उगम’ कार्यक्रम का चौथा संस्करण आयोजित किया जाएगा । यह कार्यक्रम तिलक रोड के न्यू इंग्लिश स्कूल के गणेश हॉल में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। कार्यक्रम सभी के लिए निःशुल्क रहेगा और पहले आने वाले रसिकों को प्राधान्य इस आधार पर कार्यक्रम के लिए प्रवेश दिया जायेगा। कुछ सीटें आमंत्रितों के लिए आरक्षित रहेंगी।
इस कार्यक्रम में तन्मय देवचके के दुनिया भर के छात्रों की विशेष प्रस्तुतियाँ होंगी, जो अपनी हारमोनियम कौशल का प्रदर्शन करेंगे। तन्मय देवचके के वरिष्ठ छात्र निलय साळवी और अथर्व कुलकर्णी तबले पर अनीश थत्ते के साथ एकल हारमोनियम वादन करेंगे।

Read More

अख़बार पढ़ने के चक्कर में

अख़बार बाँधते हुए उस दिन एक खबर ने मुझे रोक लिया।
वह सिर्फ़ एक फिल्मी समाचार नहीं था,
वह एक पूरे देश की धड़कन बन गया था।उस सुबह के बाद मैं अख़बार में पहले पन्ने नहीं,पहले अमिताभ बच्चन को खोजता था. क्योंकि कुछ नाम खबर नहीं होते,
याद बन जाते हैं।

Read More