देवरी स्थित धुकेश्वरी मंदिर सभागृह में आयोजित राज्यस्तरीय सम्मान समारोह में कवयित्री मेघा मनोज अग्रवाल को नारी रत्न सम्मान प्रदान करते संस्था के संस्थापक डॉ. घनश्याम निखाड़े, साथ में मंचासीन अतिथि और उपस्थित गणमान्यजन।

मेघा अग्रवाल का नाम राज्य में रोशन

नागपुर की प्रतिष्ठित कवयित्री मेघा मनोज अग्रवाल को समाजसेवा, हिंदी लेखन और उनकी बहुमुखी प्रतिभा के लिए राज्यस्तरीय नारी रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान श्याम बहुउद्देशीय विकास संस्था की ओर से देवरी में आयोजित भव्य समारोह में संस्था के संस्थापक डॉ. घनश्याम निखाड़े द्वारा प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से नागपुर का नाम गौरवान्वित हुआ है।

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प्रेम में हो चले हैं हम दोनों थोड़े मूक और बधिर: अंजू सुंदर

लखनऊ से डॉ. अनुराधा पांडेय की रिपोर्ट लखनऊ– महिला काव्य मंच (मध्य) की लखनऊ इकाई की मासिक काव्य गोष्ठी का ऑनलाइन आयोजन किया गया।मुख्य अतिथि रहीं बिहार से लेखिका एवं संपादक प्रीति सिन्हा तथा विशिष्ट अतिथि रहीं उपाध्यक्ष प. रांची जि.इ./पू. सिंहभूम जि.इ. जमशेदपुर (संरक्षक) रिम्मी वर्मा। गोष्ठी का आरम्भ डॉ. राजेश कुमारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष,…

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महंगाई से परेशान आम आदमी और बढ़ती कीमतों का प्रतीकात्मक दृश्य

बढ़ती महंगाई

यह कविता नारद जी और महंगाई के संवाद के माध्यम से समाज की विडंबना को उजागर करती है। महंगाई खुद को निर्दोष बताती है और असली जिम्मेदारी सत्ता और व्यवस्था पर डालती है जो इस व्यंग्य को और भी प्रभावशाली बनाता है।

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मन की भावनाओं के सैलाब और नदी के प्रतीक के माध्यम से जीवन, संघर्ष और प्रतीक्षा को दर्शाती हिंदी कविता

मन की नदी में उठता सैलाब

यह कविता मन की गहराइयों में उठते भावनाओं के सैलाब को नदी के रूपक के माध्यम से व्यक्त करती है। कभी शांत तो कभी उफनती यह मन की धारा जीवन के संघर्ष, पीड़ा और प्रतीक्षा को अपने साथ बहा ले जाती है। घाट, शिवलिंग, मणिकर्णिका और लहरों के प्रतीक इस यात्रा को आध्यात्मिक और यथार्थ दोनों रूपों में प्रस्तुत करते हैं। यह रचना केवल भावनाओं का प्रवाह नहीं, बल्कि अस्तित्व की खोज, टूटन और समर्पण का भी चित्रण है, जहाँ अंततः प्रतीक्षा भी थककर समाप्त हो जाती है।

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नागचंद्रेश्वर मंदिर में आस्था की ऐतिहासिक भीड़

नागपंचमी के पावन अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट सोमवार रात 12 बजे खोले गए। यह मंदिर वर्ष में केवल एक बार, नागपंचमी के दिन दर्शनार्थियों के लिए खोला जाता है। मंगलवार की दोपहर तक ही 3 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे, और प्रशासन को अनुमान है कि रात 12 बजे तक यह संख्या 10 लाख को पार कर जाएगी।

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कीचड़ में खिला कमल का फूल, जो संघर्ष और पवित्र प्रेम का प्रतीक है

कीचड़ का कमल

कीचड़ का कमल” प्रेम और जिम्मेदारियों के बीच फँसी एक स्त्री के अंतर्द्वंद्व को बखूबी उकेरती है। यह कविता बताती है कि हर प्रेम कहानी मुकम्मल नहीं होती कभी परिस्थितियाँ, कभी परिवार और कभी सच का सामना रिश्तों को बदल देता है। यहाँ प्रेम पवित्र है, लेकिन आत्मसम्मान और परिवार की गरिमा उससे भी बड़ा सत्य बनकर उभरते हैं।

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A lone figure standing at the edge of a quiet riverbank during early dawn, soft golden-blue light reflecting on the water. The person looks contemplative, gazing at gentle ripples as if questioning life’s truths. Surrounding nature appears symbolic—distant mountains, drifting

जीवन-मंथन

जीवन की हर बढ़ती घड़ी में मन बार-बार सवाल करता है सुख और दुख के इस लंबे सफ़र में हमने कितना देखा, क्या खोया और क्या पाया। माया अपनी चकाचौंध से हमें छलती रहती है, सत्ता और वैभव के प्रलोभन दिखाती है, और इन्हें पाने की चाह में हम अनगिनत अंधेरों से गुजरते हैं।

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सवाल मैं, जवाब में सन्नाटा

वो सबके लिए मोहब्बत बरसाता है, लेकिन मुझे किसी तमाशे की तरह अनदेखा कर देता है। उसकी रहमतें जब हर गली को भिगोती हैं, तब भी मैं सूखी ही रह जाती हूँ। जिसे कभी पलकों पर बिठाया था, वही मेरी आँखों में कांटे चुभो जाता है। मैं अपने सवालों में उलझी रहती हूँ, और वो जवाबों में सन्नाटा छोड़ जाता है। दूसरों की ज़िंदगी में वो सौ रंग भर देता है, मगर मेरे हिस्से हमेशा अंधेरा ही आता है। वो खुद भीड़ का हिस्सा बनकर चल पड़ता है, और मुझे तन्हाई में छोड़ जाता है। जब भी लौटता है शहर से, “गौरी”, तो बस उदासी का कोई नया किस्सा दे जाता है।

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इंडिया इंटरनेशनल सेंटर नई दिल्ली में ‘मजबूती का नाम महात्मा गांधी’ पुस्तक के लोकार्पण समारोह में मंच पर लेखक पुरुषोत्तम अग्रवाल, वक्ता अशोक वाजपेयी और उपस्थित साहित्य प्रेमी

‘मजबूती का नाम महात्मा गांधी’ का लोकार्पण

इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में पुरुषोत्तम अग्रवाल की पुस्तक ‘मजबूती का नाम महात्मा गांधी’ का लोकार्पण हुआ। अशोक वाजपेयी ने इसे गांधी-निंदा अभियानों को चुनौती बताया, वहीं राजमोहन गांधी ने देश में फैलाए जा रहे झूठों पर चिंता जताई।

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लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के दौरान बाल कवियित्री मिहूं अग्रवाल को सम्मानित करते हुए अतिथि

नागपुर की बाल कवियित्री मिहूं अग्रवाल सम्मानित

लखनऊ में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में नागपुर की बाल कवियित्री मिहूं अग्रवाल को उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक प्रतिभा के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया।

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