नागचंद्रेश्वर मंदिर में आस्था की ऐतिहासिक भीड़

उज्जैन |
नागपंचमी के पावन अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट सोमवार रात 12 बजे खोले गए। यह मंदिर वर्ष में केवल एक बार, नागपंचमी के दिन दर्शनार्थियों के लिए खोला जाता है। मंगलवार की दोपहर तक ही 3 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे, और प्रशासन को अनुमान है कि रात 12 बजे तक यह संख्या 10 लाख को पार कर जाएगी।

बरसात में भी नहीं थमा श्रद्धालुओं का सैलाब

बरसती बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की लंबी कतारें नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए उमड़ पड़ीं। कतारें चारधाम मंदिर के सामने से शुरू होकर हरसिद्धि चौराहे, बड़ा गणेश मंदिर होते हुए गेट क्रमांक 4 तक पहुंची। यहां से दर्शनार्थियों को विश्रामधाम होते हुए एयरो ब्रिज के ज़रिए मंदिर तक ले जाया गया। दर्शन के बाद वापसी ब्रिज और मार्बल गलियारे से कराई गई।

कतार में चार घंटे की प्रतीक्षा, महिलाएं हुईं परेशान

प्रशासन के अनुसार सुबह 9 बजे तक करीब 3 लाख लोग बेरिकेड्स में थे। दर्शन की व्यवस्था इस प्रकार रही कि एक बार अंदर जाने के बाद दर्शन कर बाहर निकलने में श्रद्धालु को करीब 4 घंटे लग रहे थे। इस दौरान कतार में खड़े श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं ने शौचालय की कमी और असुविधा की शिकायत की। कतार में धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी रही, हालांकि कुछ लोगों ने इसे भी भक्ति का अनुभव मानकर सहर्ष झेला।

महाकाल मंदिर में भी लगी भारी भीड़

नागचंद्रेश्वर के साथ ही श्री महाकालेश्वर के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भस्मारती में भगवान महाकाल को नागदेवता स्वरूप में श्रृंगारित किया गया था। इस अवसर पर क्रिकेटर उमेश यादव ने भी मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। महाकाल दर्शन के लिए भक्तों को महाकाल लोक के नंदी द्वार से प्रवेश देकर मानसरोवर भवन की टनल से मंदिर के अंदर प्रवेश कराया जा रहा था।

विमोचन, पूजन और विशिष्ट उपस्थिति

मंदिर के पट खुलने के बाद महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरी ने विधिवत त्रिकाल पूजन और शिवलिंग अभिषेक किया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने 1900 पुलिसकर्मियों, 200 वरिष्ठ अधिकारियों, और 2500 कर्मचारियों को तैनात किया। मंदिर परिसर और आसपास निगरानी के लिए 560 सीसीटीवी कैमरे, 10 ड्रोन, अश्वारोही दल, डॉग स्क्वॉड, और यातायात पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।

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