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प्रेम में हो चले हैं हम दोनों थोड़े मूक और बधिर: अंजू सुंदर

लखनऊ से डॉ. अनुराधा पांडेय की रिपोर्ट

लखनऊ– महिला काव्य मंच (मध्य) की लखनऊ इकाई की मासिक काव्य गोष्ठी का ऑनलाइन आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि रहीं बिहार से लेखिका एवं संपादक प्रीति सिन्हा तथा विशिष्ट अतिथि रहीं उपाध्यक्ष प. रांची जि.इ./पू. सिंहभूम जि.इ. जमशेदपुर (संरक्षक) रिम्मी वर्मा। गोष्ठी का आरम्भ डॉ. राजेश कुमारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, शिक्षा मंच के प्रस्तावना भाषण से हुआ। डॉ. राजेश कुमारी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आरंभ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि का स्वागत किया तथा सभी कवयित्रियों को कार्यक्रम एवं शारदीय नवरात्र की बधाई दी। साथ ही रचनाओं की सार्थकता तथा कार्यक्रम की नियमितता के लिए लखनऊ इकाई की सराहना की और मकाम के उद्देश्यों को एक बार पुनः रेखांकित किया।सरस्वती वंदना के साथ मां शारदे को नमन करते हुए कार्यक्रम का आगाज़ हुआ। गोष्ठी का संचालन एवं संयोजन डॉ. रीना श्रीवास्तव ने किया।

  • डॉ. नीरजा शुक्ला ‘नीरू’ ने कनाडा से प्रतिभाग करते हुए ‘दर्द को दवा बना लें’
  • डॉ. सरिता कटियार ने ‘मैंने दिल ही’
  • पूजा श्रीवास्तव ने ‘ज़िंदगी का न कोई’
  • गीता खत्री ने ‘अंबे महारानी’
  • डॉ. राजेश कुमारी ने ‘ज़िंदगी हो खुशहाल’
  • डॉ. कीर्ति श्रीवास्तव ने ‘नवरात्रि में मेरी मां’
  • डॉ. गीता मिश्रा ने ‘गंगा सी शुचिता’
  • अंजू सुंदर ने ‘प्रेम में हो चले’
  • साधना मिश्रा ‘लखनवी’ ने ‘अब की बरस तुम’
  • संध्या श्रीवास्तव ने ‘नौ दिन पूजा’
  • डॉ. अलका गुप्ता ने ‘हे मां अपनी चूनर’
  • डॉ. कालिंदी पांडे ने ‘सब दुख दूर हो जाता’ का पाठ किया।

मुख्य अतिथि प्रीति सिन्हा ने ‘पहर पहर अब बीता’ गीत सुनाया तथा विशिष्ट अतिथि रिम्मी वर्मा ने ‘किसने रोका है तुम्हें’ गीत सुनाया। तत्पश्चात डॉ. अनुराधा पांडेय ने ‘शुभ आरती सजाई है’ और डॉ. रीना श्रीवास्तव ने ‘मां अपनी कृपा का’ पाठ किया।प्रायः सभी रचनाओं में मां जगदंबे की आराधना की सुगंध रही, जिससे आज मकाम लखनऊ इकाई का आंगन सरोबार हो उठा।अंत में डॉ. रीना श्रीवास्तव ने अत्यंत खूबसूरती से संचालन करते हुए सभी का धन्यवाद दिया तथा इस कामना के साथ कि सभी सुखी एवं निरोगी हों – ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ – के संदेश के साथ गोष्ठी का समापन किया।

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