खुद को इसरो वैज्ञानिक बताकर 26 लाख की ठगी

पुणे में मैट्रिमोनियल ठगी:

10वीं पास युवक ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिलाओं को बनाया शिकार, 11 मामले दर्ज

पुणे: 10वीं पास होने के बावजूद खुद को इसरो वैज्ञानिक बताकर मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर एक महिला से 26 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को येरवडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उसने इसी प्रकार से महिलाओं से ठगी के 11 मामले किए हैं.

आदर्श प्रशांत म्हात्रे उर्फ स्वप्नील वारुळे उर्फ हेमंत गायकर उर्फ जयेश पाटिल (उम्र 34, निवासी अलीबाग, जिला रायगढ़) ऐसा इस आरोपी का नाम है. उसे कैसीनो का शौक है और वह गोवा के एक कैसीनो का गोल्ड कार्ड सदस्य है. ठगी के 21 लाख रुपये उसने इसी कैसीनो के खाते में जमा किए थे. येरवडा पुलिस ने यह 21 लाख रुपये जब्त कर लिए हैं.

आदर्श म्हात्रे ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर खुद को इसरो वैज्ञानिक बताते हुए फर्जी प्रोफाइल बनाया. इसके जरिए उसने शादी के लिए महिला को प्रस्ताव दिया. महिला की बेटी की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का भरोसा देकर उसका विश्वास जीता. इसके बाद बेटी की पढ़ाई के लिए शेयर बाजार में निवेश कराने का झांसा देकर उसे लोन लेने के लिए मजबूर किया. इस तरह उससे कुल 26 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की गई. इस मामले में 10 जनवरी 2026 को येरवडा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था.

आरोपी की तलाश के दौरान उसके खिलाफ तुर्भे, रसायनी, पनवेल और रबाले पुलिस थानों में भी मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई. नवी मुंबई के रबाले पुलिस ने उसे 26 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था. इसके बाद न्यायालय की अनुमति लेकर येरवडा पुलिस ने 15 अप्रैल 2026 को उसे हिरासत में लिया.

इस संबंध में येरवडा पुलिस थाने की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अंजुम बागवान ने बताया कि आदर्श म्हात्रे केवल 10वीं पास है और एक निर्माण कंपनी में सुपरवाइजर के रूप में काम करता था. शादी के उद्देश्य से उसने मैट्रिमोनियल साइट पर अपना पंजीकरण किया था. इसी दौरान उसके मन में ठगी की योजना आई. उसने विभिन्न मैट्रिमोनियल साइट्स पर अलग-अलग नामों से फर्जी अकाउंट बनाए और विधवा तथा अधिक उम्र की महिलाओं को निशाना बनाया. उनसे पहचान बढ़ाकर शादी का प्रस्ताव देता और बाद में विभिन्न कारणों का हवाला देकर उनसे पैसे ऐंठता था.

इस ठगी से मिले पैसों से वह गोवा जाकर मौज-मस्ती करता था. इसी कारण वह वहां के बिग डैडी कैसीनो का गोल्ड कार्ड सदस्य बन गया. महिला से लिए गए पैसों में से 21 लाख रुपये उसने इसी कैसीनो के खाते में जमा किए थे. कैसीनो में खेलते समय उसे 5 लाख रुपये का लाभ हुआ, जिसे उसने शेयर बाजार से कमाई बताकर महिला को वापस किया और उसका विश्वास जीता. वह एक महिला से लिए गए पैसे दूसरी महिला को देकर भरोसा कायम करता और फिर ठगी करता था. उसके खिलाफ मुंबई और नवी मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों में कुल 11 मामले दर्ज हैं. पुलिस निरीक्षक (अपराध) विजय ठाकर इस मामले की आगे जांच कर रहे हैं.

यह कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त मनोज पाटिल, पुलिस उपायुक्त चिलुमूला रजनीकांत, सहायक पुलिस आयुक्त सुनील जैतापूरकर के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अंजुम बागवान, पुलिस निरीक्षक (अपराध) विजय ठाकर के निर्देशन में सहायक पुलिस निरीक्षक प्रसन्न जर्हाड, पुलिस उपनिरीक्षक गणेश राठोड, पुलिस कर्मी पिलाने, स्वप्नील पिंगळे, भागवत और औदुंबर घटकळ ने की.

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