मन का कोरा पन्ना
कुछ प्रश्न जीवन में हमेशा अनुत्तरित रह जाते हैं। “मन का कोरा पन्ना” प्रेम, पीड़ा, विवशता और अनकहे एहसासों की ऐसी ही संवेदनशील यात्रा है, जहाँ शब्दों से अधिक खामोशी बोलती है।

कुछ प्रश्न जीवन में हमेशा अनुत्तरित रह जाते हैं। “मन का कोरा पन्ना” प्रेम, पीड़ा, विवशता और अनकहे एहसासों की ऐसी ही संवेदनशील यात्रा है, जहाँ शब्दों से अधिक खामोशी बोलती है।
चाहत अक्सर एक इच्छा से जन्म लेती है—किसी को पाने, उसे अपने करीब रखने और उसके साथ अपने सपनों को पूरा करने की चाह। इसलिए समय, परिस्थितियों और मनःस्थिति के बदलने के साथ चाहत भी बदल सकती है। जब उम्मीदें पूरी नहीं होतीं या हालात साथ नहीं देते, तो चाहत का रंग फीका पड़ने लगता है।
“सब की भूख का हिसाब रखने वाले, अपनी भूख को कैसे दबा कर रख पाते होंगे?”
यह पंक्ति डिब्बे वालों के जीवन की मार्मिक विडंबना को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ दर्शाती है — वे जो दूसरों की भूख मिटाते थे, स्वयं भूखे रह गए।
क्या प्रेम केवल लंबे संदेश, महंगे उपहार और “आई लव यू” कह देने भर का नाम है? यह कहानी बताती है कि सच्चा इश्क़ तब दिखाई देता है, जब कोई अपनी सबसे व्यस्त घड़ी में भी आपकी आवाज़ सुनने के लिए समय निकाल ले। राघव और उसकी प्रिय के बीच की यह भावनात्मक बातचीत रिश्तों में समय, विश्वास और अपनापन का ऐसा रूप दिखाती है, जो हर दिल को छू जाता है
कुछ दोस्त रिश्तों से नहीं, दिल से जुड़े होते हैं। श्याम सिंह और उनके दोस्त की 30 साल पुरानी दोस्ती बताती है कि सच्चा साथ समय और परिस्थितियों से कभी नहीं बदलता।
“मन की कही” एक भावनात्मक और आत्मचिंतन से भरी हिंदी रचना है, जो मन की उन अनकही बातों को व्यक्त करती है जिन्हें हर किसी से साझा नहीं किया जा सकता। यह लेख विश्वास, आत्मीयता और मौन के महत्व को उजागर करता है, और बताता है कि क्यों हर दिल हमारे रहस्यों का भार नहीं उठा सकता। अंत में यह संदेश देता है कि एक पुस्तक ही सबसे सच्ची और निस्संदेह साथी बन सकती है।
आज के डिजिटल दौर में दोस्ती का मतलब सिर्फ आमने-सामने मिलना नहीं रह गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Instagram, Discord और WhatsApp ने रिश्तों की परिभाषा ही बदल दी है। खासकर COVID-19 lockdown के दौरान, लाखों लोगों ने ऑनलाइन दोस्त बनाए. ऐसे दोस्त जो कभी मिले नहीं, लेकिन दिल के बहुत करीब आ गए।
महिदपुर रोड की प्रतिभाशाली छात्रा आकांक्षा शर्मा ने सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय में एमएससी जूलॉजी में प्रथम स्थान प्राप्त कर शानदार उपलब्धि हासिल की। 30वें दीक्षांत समारोह में उन्हें राज्यपाल मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दो गोल्ड मेडल और “बेस्ट स्टूडेंट” सम्मान से नवाजा गया। उनकी इस सफलता से पूरे महिदपुर रोड में गर्व और उत्साह का माहौल है।
डॉ प्रेरणा मनाना, पूर्व निदेशक आरडी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, लेखिका स्तंभकार इंदौर- भारतीय संत परंपरा के महानतम व्यक्तित्वों में से एक, संत महामंडलेश्वर अभिराम दास जी त्यागी, बुधवार को हमारे निवास स्थान पधारे। उनके आगमन से पूरा वातावरण दिव्यता, शांतिपूर्ण ऊर्जा और सकारात्मकता से भर गया। संत श्री अभिराम दास जी त्यागी न केवल एक…
मैले कपड़ों में कमल-सी खिलती वह गूंगी-बहरी लड़की हर रोज़ उसे निहारती थी। वह समझ नहीं पाता कि वह उससे क्या चाहती है, जब तक कि एक दिन उसके मांग भरने के इशारे ने मूक प्रेम का गहरा अर्थ खोल नहीं दिया।