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ढूँढें माँ की छाँव

यह कविता गहन भावनाओं और स्मृतियों के माध्यम से माँ और बचपन की छाया की खोज को प्रस्तुत करती है। पहली कविता में माता की ममता और उनके बिना घर की खाली-खाली देहरी की पीड़ा व्यक्त की गई है, जबकि दूसरी कविता में बचपन की नॉस्टैल्जिया और पिता की यादें उजागर हैं। कवि ने मातृत्व, प्रेम और संवेदनशीलता के रसों के साथ भावनाओं की गहराई में जाकर वियोग, याद और आत्मचिंतन का दृश्य खींचा है।

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BMW ने भारत में लॉन्च की नई 2 सीरीज़ ग्रैन कूपे

BMW इंडिया ने आज भारत में नई BMW 2 Series Gran Coupé का दूसरा जनरेशन लॉन्च किया है। यह प्रीमियम स्पोर्ट्स कार अब भारत में स्थानीय रूप से चेन्नई प्लांट में निर्मित होगी और केवल पेट्रोल वेरिएंट में उपलब्ध रहेगी। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹46.90 लाख है।
नई 2 सीरीज़ ग्रैन कूपे अब और अधिक स्पोर्टी लुक के साथ सामने आई है। कार में पहली बार शार्क-नोज़ डिजाइन, Iconic Glow किडनी ग्रिल, और एडॉप्टिव एलईडी हेडलाइट्स दिए गए हैं।

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बच्चों को खुद चुनने दीजिए उनका सुर

एक पिता ने अपने बेटे को ज़बरदस्ती शास्त्रीय संगीत की कक्षा में भेज दिया, जबकि बच्चे को संगीत में कोई दिलचस्पी नहीं थी। यह लेख बताता है कि कैसे माता-पिता अपने अधूरे सपनों को बच्चों पर थोपते हैं और क्यों यह ज़रूरी है कि हर व्यक्ति—चाहे किसी भी उम्र का हो—अपने ही सपनों को पूरा करने का प्रयास करे। बच्चों को उनकी पसंद का रास्ता चुनने देना ही सच्ची परवरिश है।

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पिता से घूमने जाने की अनुमति मांगती बेटी का भावनात्मक दृश्य

पिताजी को कैसे मनाना…

“पिताजी को कैसे मनाना है” एक भावपूर्ण हिंदी कविता है, जिसमें दोस्तों के साथ समय बिताने की इच्छा और पिता से अनुमति लेने की मासूम दुविधा को सरल और हृदयस्पर्शी शब्दों में व्यक्त किया गया है।

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चाँदनी में खोया दिल

आज की रात चाँदनी बहुत मतवाली है। चाँद भी मानो सोच रहा हो कि उसकी तो अपनी दीवाली है। साँझ ढलते ही माँ घर में चुप हैं और सोच रही हैं कि अपने परिवार के लिए क्या पकाएँ, क्योंकि रोटी का तवा खाली है। वहीं हमदम भी यह सोच रहा है कि आस-पास बिखरा लाल रंग उसकी प्रिय की लाली का प्रतीक है। मैं जब उसे देखता हूँ, तो महसूस करता हूँ कि खुद को ही भूल गया हूँ। ‘कनक’ अब इश्क़ में कंगाल हो चुका है, लेकिन यह मतवाली चाँदनी और प्रेम की लाली सब कुछ बयां कर देती है।

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सच्चा साथी, सच्चा प्रेम

यह भावपूर्ण हिंदी कविता प्रेम, स्नेह और जीवनसाथी के साथ जुड़े भावनात्मक अनुभव को उजागर करती है। इसमें प्यार की गहराई, भरोसा और साथी के साथ जीवन भर निभाए गए रिश्ते की मिठास को सरल और असरदार भाषा में व्यक्त किया गया है।

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साइकिल, सपने और मिल रोड

नौवीं कक्षा में प्रवेश से पहले साइकिल सीखने का सपना हर छोटे शहर के बच्चे की तरह लेखक के मन में भी पलता रहा। पैसों की कमी, उधारी की सीमाएँ और जुगाड़ के सहारे मिली एक खटारा साइकिल गिरते-पड़ते सीखने की कोशिश और अंत में हुई “क्रैश लैंडिंग” इस कहानी को मासूम बचपन की यादों से भर देती है।

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“देह, निर्णय और दरारें”

पितृसत्ता केवल सामाजिक ढांचा नहीं, बल्कि एक गहराई से जड़ें जमाई मानसिक संरचना है जो पुरुष को सत्ता और स्त्री को ‘अन्य’ मानकर उसके श्रम, निर्णय और देह पर नियंत्रण स्थापित करती है। यह लेख पितृसत्ता की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, मनोवैज्ञानिक और आधुनिक सामाजिक परतों को खोलते हुए यह सवाल उठाता है कि आखिर हम ‘मनुष्य’ से ‘स्त्री’ और ‘पुरुष’ में कब और कैसे बंट गए?

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महाकाल के चरणों में धनखड़

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के आयोजित भस्म आरती में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शामिल हुए. उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल का जाप किया और दो घंटे तक भक्ति भाव से आरती में सहभागिता की. दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि महाकाल के दरबार में आने से मन को अद्भुत शांति मिलती है और देश में सकारात्मक बदलाव की लहर दिखाई दे रही है.

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नेशनल बुक रीड डे : किताबों के साथ एक दिन

आज का नेशनल बुक रीड डे केवल एक तारीख नहीं, बल्कि किताबों के साथ समय बिताने, उन्हें पढ़ने और उनकी संगति का आनंद लेने का अवसर है। पढ़ना केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है—यह तनाव कम करता है, याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाता है, और कल्पनाओं को उड़ान देता है। किताबें हमें इतिहास से जोड़ती हैं, सोच बदलती हैं, और जीवन को नई दिशा देती हैं। चाहे बच्चों को पढ़कर सुनाएँ, दोस्त या परिवार के साथ साझा करें, या अकेले अपने कोने में बैठकर पढ़ें—किताबों का असली आनंद अनुभव और आत्मा से जुड़ने में है।

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