संघर्ष से सफलता तक: मंच पर गूंजी नारी शक्ति

ND Studio Karjat में आयोजित महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी महिला दिवस समारोह एन डी स्टूडियो कर्जत में महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित महिला दिवस समारोह का दृश्य

महिला दिवस समारोह में ट्रांसजेंडर ग्रेजुएट श्रीदेवी लौंधे की प्रेरक जीवन यात्रा ने किया सभी को भावुक

मुंबई से प्रसिद्ध लेखिका मधु चौधरी की रिपोर्ट

मुंबई – महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री सचिन निंबालकर, बीरेंद्र शाह फाउंडेशन की अध्यक्षा एवं ‘विरासत’ पत्रिका की प्रधान संपादक रागिनी बी. शाह, अभिनेता रवि यादव, वरिष्ठ अनुवादक (मध्य रेलवे) डॉ. सरस्वती अय्यर, डॉ. सुजाता उदैशी, पत्रकार कमला बरौनी, लेखिका व अधिवक्ता चित्रा देसाई और मुख्य वित्तीय अधिकारी चित्रलेखा जी की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।


​विशिष्ट अतिथियों का सम्मान और वैचारिक सत्र

​कार्यक्रम की शुरुआत में श्री सचिन निंबालकर ने अभिनेता रवि यादव का सम्मान किया, वहीं रागिनी बी. शाह ने डॉ. सरस्वती अय्यर को सम्मानित किया। ​सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. सरस्वती अय्यर ने महिला सशक्तिकरण के सूक्ष्म पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, “नारी के स्वतंत्र होने और स्वच्छंद होने में एक बुनियादी फर्क है, जिसे समझना आवश्यक है।” लोकप्रिय अभिनेता रवि यादव ने ‘नारी शक्ति’ पर अपने प्रभावशाली विचार रखते हुए कहा कि स्त्रियों को पंख देने का अर्थ यह नहीं है कि वे अपनी उड़ान में स्वयं को असुरक्षित कर लें। उन्होंने जोर दिया कि प्रगति के साथ-साथ परिवार और संस्कारों का सामंजस्य भी जरूरी है।
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​’विरासत’ पत्रिका का विमोचन एवं परिचर्चा

​समारोह के दौरान बीरेंद्र शाह फाउंडेशन की त्रैमासिक पत्रिका ‘विरासत’ का विमोचन गणमान्य अतिथियों के सानिध्य में किया गया। ​इसके पश्चात आयोजित परिचर्चा सत्र में डॉ. सुजाता उदैशी (डाइटिशियन), चित्रलेखा जी, चित्रा देसाई और डॉक्टर वर्षा महेश (लेखिका एवं शिक्षिका) ने विभिन्न कार्यक्षेत्रों में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर मंथन किया। विशेषज्ञों ने संदेश दिया कि पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद महिलाओं को निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए।


​विशेष आकर्षण और सम्मान

​कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुंबई की प्रथम ग्रेजुएट ट्रांसजेंडर महिला श्रीदेवी लौंधे को मंच पर आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपनी जीवन यात्रा के संघर्षपूर्ण अनुभवों को साझा किया, जिसे श्रोताओं ने भावुक होकर सुना।
​सत्र के दौरान डॉक्टर वर्षा महेश ने प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया और सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉक्टर वर्षा महेश द्वारा किया गया, जबकि अंत में रागिनी बी. शाह ने उपस्थित अतिथियों एवं आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

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