बोगनवेलिया सी लड़की

"बोगनवेलिया सी लड़की: थोड़े प्यार में खिलने वाली मासूम कहानी"

अर्चना जैन, जयपुर

बोगनवेलिया सी लड़की
ज़्यादा कुछ नहीं चाहती,
चाहती है बस
थोड़ा सा प्यार,
बस थोड़ी सी देखभाल।

बदले में
देती है वो
खूब सारे फूल
सजाने को
घर तुम्हारा,
बहुत सारा प्यार
तुम्हारे
थोड़े से प्यार के बदले।

वो
बोगनवेलिया सी लड़की
प्यार ज़्यादा हो जाए तो
कांटते-छांटते रहना,
उस पर भी
कुछ न कहेगी
वो मासूम
बोगनवेलिया सी लड़की।

लेखिका के बारे में –
अर्चना जैन,
जयपुर (राजस्थान) की निवासी, B.Com स्नातक और संवेदनशील लेखिका हैं।उन्हें लेखन और पठन में विशेष रुचि है, जो उनकी रचनाओं में सहज रूप से झलकती है।इनकी कविताएँ विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं।इनकी पहली काव्य पुस्तक ‘पौनी सी ही चखी ज़िन्दगी’ जीवन के गहरे अनुभवों का सजीव चित्रण प्रस्तुत करती है। इस पुस्तक में रिश्तों, भावनाओं और जीवन की सच्चाइयों को सरल, सहज और हृदयस्पर्शी शब्दों में पिरोया गया है।राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और रंग इनके लेखन को विशेष पहचान देते हैं।इनकी हर रचना में संवेदनाओं की एक नई परत खुलती है, जो पाठकों के मन को छू जाती है। अर्चना जैन का लेखन न केवल भावनाओं का प्रतिबिंब है, बल्कि जीवन को समझने और महसूस करने का एक सुंदर माध्यम भी है।
इन रचनाओं को भी पढ़ें और अपनी टिप्पणी दें-
माएं कभी बूढ़ी नहीं होती
बहना ही जीवन है
ब्लैकवुड वैली
इश्क़, इंतज़ार और तन्हाई

9 thoughts on “बोगनवेलिया सी लड़की

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *