इश्क़ का कारोबार
यह रचना प्रेम, प्रतीक्षा और विरह की गहन अनुभूति को शब्द देती है। दिल में सहेजे प्यार, अख़बार में कैद ख़बरें और आँसुओं से लिखे ख़त ये पंक्तियाँ उस आशिक़ की कथा कहती हैं जो यादों, तन्हाई और ज़ख़्मों के बीच भी इश्क़ को पूरी शिद्दत से संभाले बैठा है।
कुछ पलों की कहानी
यह रचना प्रेम, स्मृति और इंतज़ार की मार्मिक कथा है। प्यार में पागल एक लड़की, जो समय के साथ आगे बढ़ गई है, लेकिन वादों की स्मृतियाँ आज भी बस स्टॉप पर खड़ी मिलती हैं। शीशा, काजल, मुस्कान और हर आती बस सब मिलकर अधूरे प्रेम और लौटकर न आने वाले वादे की एक संवेदनशील कविता रचते हैं।
ऐ अजनबी सांवरे
यह कविता प्रेम, पहचान और आत्मिक संवाद की कोमल अभिव्यक्ति है। ‘अजनबी’ और ‘सांवरे’ के प्रतीकों के माध्यम से कवि मन की उस यात्रा को शब्द देता है, जहाँ नादानी, तलाश और समर्पण एक-दूसरे में घुल जाते हैं। प्रेम यहाँ केवल सांसारिक नहीं, बल्कि भक्ति और आत्मा का स्वर बन जाता है। मन की भटकन, चित की चोरी और ऋतु प्रीत की सुगंध के साथ यह रचना पाठक को भीतर तक छूती है और उसे अपने ही भावलोक में ले जाती है।
वंदे मातरम् भारत की आत्मा का स्वर है : विनय पत्राले
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में श्री विनय पत्राले ने कहा कि वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है। कार्यक्रम में सरदार पटेल के योगदान, राष्ट्रगीत और देशभक्ति पर विचार साझा किए गए।
श्मशान से लौटती साँसें…
श्मशान की राख से लौटकर जब ज़िंदगी की जिम्मेदारियाँ बाँहों में भर ली जाती हैं—तब यह कविता मृत्यु से आँख मिलाकर जीवन को चुनने का साहस बन जाती है।
‘मजबूती का नाम महात्मा गांधी’ का लोकार्पण
इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में पुरुषोत्तम अग्रवाल की पुस्तक ‘मजबूती का नाम महात्मा गांधी’ का लोकार्पण हुआ। अशोक वाजपेयी ने इसे गांधी-निंदा अभियानों को चुनौती बताया, वहीं राजमोहन गांधी ने देश में फैलाए जा रहे झूठों पर चिंता जताई।
सागर तुम्हीं दिखाओ कोई रास्ता…
लहरों, तूफ़ानों और गहराइयों के माध्यम से सागर से संवाद करती यह कविता जीवन के संघर्ष, धैर्य और हर हार के बाद नई शुरुआत का साहस देती है।
