‘निर्मला फाउंडेशन’ का भव्य कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह संपन्न

मुंबई से डॉ.शशिकला पटेल की रिपोर्ट
मुंबई के सांताक्रुज (पश्चिम) स्थित सोशल वेल्फेयर सेंटर, रेलवे कॉलोनी के सभागृह में सुप्रसिद्ध साहित्यिक संस्था ‘निर्मला फाउंडेशन’ द्वारा भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महानगर के ख्याति प्राप्त साहित्यकार, फिल्म निर्देशक, प्रोड्यूसर, गीतकार, संगीतकार, नाटककार एवं समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा ‘दीप’ द्वारा सरस्वती वंदना से हुई। संस्था का परिचय अध्यक्ष प्रो. डॉ. शशिकला पटेल ने दिया। स्वागताध्यक्षता समाजसेवी आर. एन. यादव तथा कार्याध्यक्ष शिक्षाविद् चंद्रवीर बंशीधर यादव ने निभाई।समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार, गीतकार एवं पटकथा लेखक मधुराज मधु ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में मानवतावादी संदेश देते हुए समाज में एकता और समरसता पर बल दिया, साथ ही अपनी आगामी हिंदी फिल्म के बारे में भी जानकारी साझा की।
मुख्य अतिथि डॉ. महेन्द्र रहे, जबकि विशेष अतिथियों में नामदार राही (संपादक, हरित जीवन), फिल्म निर्देशक ललित आर्या, ओमप्रकाश प्रजापति (संपादक, दै. उत्तर शक्ति), डॉ. परमिंदर पाण्डेय (अध्यक्ष, आईपीसी), फिल्म प्रोड्यूसर राकेश जलोत्रा, साहित्यकार रामसिंह, दिव्या जैन (संपादक, अंतरंग संगिनी) एवं आर.के. कॉलेज के डायरेक्टर आर.के. सर शामिल रहे। सभी अतिथियों का शाल, पुष्पगुच्छ एवं तुलसी के पौधे से सम्मान किया गया।

समारोह का मुख्य आकर्षण डॉ. कृष्णकुमार कृपा शंकर यादव (एमबीबीएस, एमडी – जनरल मेडिसिन, डायबिटोलॉजिस्ट एवं कार्डियोलॉजिस्ट) का विशेष सम्मान रहा। उन्हें फाउंडेशन द्वारा शाल, स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त मानववादी लेखक संघ द्वारा डॉ. शशिकला पटेल को मुंबई विश्वविद्यालय से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का केंद्र बिंदु काव्य पाठ रहा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों और कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आराधना रावत, जाकिर हुसैन ‘रहबर’, अर्चना वर्मा सिंह, कृष्णा श्रीवास्तव, सत्यवती मौर्या, विद्या शर्मा एवं लक्ष्मीकांत कमलनयन की प्रस्तुतियां सराहनीय रहीं। वरिष्ठ कवयित्री डॉ. नीलिमा पाण्डेय ने अपने विचारोत्तेजक दोहे, गीतिका और गीतों से खूब तालियां बटोरीं। उनका गीत ‘चूनर मेरी धानी हो गई’ विशेष रूप से सराहा गया।
उषा मधु ने ‘मां से बड़ा देव न दूजा’ गीत प्रस्तुत कर भावुक माहौल बना दिया, वहीं ग्वालियर से आए महेश भट्ट की हास्य कविता और अभिनेता कृष्ण बंसल की अभिनययुक्त प्रस्तुति ने सभागार में उत्साह भर दिया। जवाहर लाल ‘निर्झर’, कल्पेश यादव, विनय शर्मा ‘दीप’ एवं त्रिलोचन सिंह अरोड़ा ने भी उत्कृष्ट रचनाओं से कार्यक्रम को चार चांद लगा दिए।
समारोह में जीतबहादुर पटेल, गजानन परब, राजेंद्र गुप्ता, सज्जाद खान, जितेंद्र यादव, जनार्दन सिंह, राकेश वर्मा, चंदन मधु, संगीत निर्देशक आदित्य गौड़, पत्रकार शकील शेख, अमरदीप एवं यशपाल शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन निर्मला फाउंडेशन के महासचिव डॉ. अमर बहादुर पटेल ने किया। सफल संयोजन अजय कुमार गुप्ता, सुरेंद्र पाल, गिरधारी लाल पंडित एवं रितु कुमार द्वारा किया गया। अंत में कार्याध्यक्ष चंद्रवीर बंशीधर यादव ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए समारोह की सफलता पर बधाई दी।
