मुंबई के सांताक्रुज में निर्मला फाउंडेशन के कवि सम्मेलन में मंच पर उपस्थित कवि और अतिथि

मुंबई में सजी साहित्य की महफिल

मुंबई के सांताक्रुज में निर्मला फाउंडेशन द्वारा आयोजित भव्य कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह में साहित्यकारों, कलाकारों और समाजसेवियों का सम्मान किया गया।

Read More

शब्दों में संवेदना का दरवाज़ा :”मुझ में भी रहता है इकतारा”

डॉ. तारा गुप्ता द्वारा लिखित गज़ल संग्रह मुझ में भी रहता है इकतारा दिल और दिमाग के बीच बहते उस पुल की तरह है, जिस पर चलते हुए पाठक जीवन, संवेदना, अनुभव और दर्शन सभी को साथ लेकर आगे बढ़ता है. कुल 70 ग़ज़लें, 36 मुक्तक और 35 दोहे इस संग्रह को विविधता से भरते हैं और पाठक को एकरसता से दूर रखते हैं.

Read More

हिंदी साहित्य भारती : राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ का गठन

हिंदी साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु समर्पित अंतरराष्ट्रीय संस्था हिंदी साहित्य भारती ने मुंबई, महाराष्ट्र में राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ की नई इकाई का गठन किया।

कार्यक्रम का आयोजन द प्रेसीडेंसी रेडियो क्लब में किया गया, जिसकी अध्यक्षता श्रीमती संजना लाल ने की। महानगर कोलकाता से पधारी डॉ. सुनीता मंडल, अध्यक्ष, हिंदी साहित्य भारती राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ, ने सभी साहित्यकारों और कवयित्रियों का स्वागत करते हुए महिला प्रकोष्ठ की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों को साझा किया।

Read More

सपनों की कोई सरहद नहीं…

बिहार के छोटे से शहर से निकलकर देश-विदेश में अपनी साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों से पहचान बनाने वाली रंजीता सिंह फ़लक आज महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं। स्वयंसिद्धा संस्था के माध्यम से वह महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं, वहीं कविकुंभ पत्रिका और अपने चर्चित काव्य संग्रहों के जरिए साहित्य जगत में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कर चुकी हैं।

Read More

प्रोफेसर अजहर हाशमी नहीं रहे

“हर विषय और हर शख्सियत पर जब वे लिखते हैं, तो पढ़ने वाला पढ़ता ही रह जाता है।”
यह पंक्ति प्रोफेसर हाशमी की अद्भुत लेखनी और ज्ञान की गहराई को दर्शाती है, जिससे पाठक मंत्रमुग्ध हो जाते थे।

Read More