मुंबई के सांताक्रुज में निर्मला फाउंडेशन के कवि सम्मेलन में मंच पर उपस्थित कवि और अतिथि

मुंबई में सजी साहित्य की महफिल

मुंबई के सांताक्रुज में निर्मला फाउंडेशन द्वारा आयोजित भव्य कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह में साहित्यकारों, कलाकारों और समाजसेवियों का सम्मान किया गया।

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चाँदनी रात में हवा में लहराते लंबे बालों वाली महिला, जिसके आसपास भावनात्मक और रहस्यमयी माहौल है

जुल्फ़ तेरी

तेरी जुल्फ़ों की खुशबू और उनकी नरम छाँव में जैसे मैं खुद को भूलता चला गया। तेरी मौजूदगी में ऐसा सुकून मिला, मानो पूरी कायनात सिमटकर एक एहसास बन गई हो। लेकिन उसी चाँदनी रात में, जब भावनाएँ शब्दों में ढल रही थीं, कुछ ऐसा हुआ कि सारी इबारतें जलकर राख हो गईं। अब बस एक खामोशी, कुछ अधूरे जज़्बात और एक अनकहा सवाल रह गया है, जो आज भी दिल के किसी कोने से मुझे चुपचाप देखता है।

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गांव के खेतों और कच्चे रास्ते के बीच खड़ा एक व्यक्ति, जो बचपन की यादों में खोया हुआ है

गांव की माटी की वो खुशबू

शहर की भीड़ और ऊँची इमारतों के बीच खड़े होकर भी मन बार-बार उसी गांव की ओर लौट जाता है, जहाँ माटी की खुशबू, माँ के हाथों की गरमाहट और रिश्तों की सच्चाई आज भी दिल में ज़िंदा है।

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राम भक्त हनुमान दिव्य छवि

राम भक्त हनुमान

राम भक्त हनुमान पर आधारित यह भावपूर्ण हिंदी कविता उनकी भक्ति, शक्ति और संकट मोचन स्वरूप का सुंदर वर्णन करती है। पवनपुत्र की महिमा को समर्पित यह रचना आस्था और श्रद्धा से भर देती है।

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तन्हाई: भीड़ में खोई आत्मा

तन्हाई…

यह कविता “तन्हाई” इंसान के उस दर्द को उजागर करती है, जब वह भीड़ में रहकर भी खुद को अकेला महसूस करता है। इसमें जीवन के संघर्ष, टूटे सपनों और भावनात्मक खालीपन को बेहद संवेदनशील शब्दों में व्यक्त किया गया है।

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