खामोश गुलमोहर, महकती रजनीगंधा
गुलमोहर की खामोश निगाहें और रजनीगंधा की अनकही खुशबू—दो ऐसे एहसास, जिनके बीच प्रेम कभी शब्द नहीं बनता, फिर भी सब कुछ कह जाता है।

गुलमोहर की खामोश निगाहें और रजनीगंधा की अनकही खुशबू—दो ऐसे एहसास, जिनके बीच प्रेम कभी शब्द नहीं बनता, फिर भी सब कुछ कह जाता है।
बिहार के एक छोटे से गाँव की काजल ने गरीबी और समाज के तानों के बीच नृत्य को अपना सहारा बनाया। संघर्ष, मेहनत और हिम्मत के दम पर उसने अपने सपनों को नई उड़ान दी।
मिट्टी से बने इस शरीर और संसार की नश्वरता को समझाती यह कविता याद दिलाती है कि धन, मान-सम्मान और रिश्ते सब यहीं रह जाते हैं. जीवन में जब तक साँसें हैं, प्रेम बाँटना ही सबसे बड़ी सार्थकता है।
प्यासी पलकें प्रेम और विरह की उस बेचैनी को बयां करती हैं, जहाँ यादें हर पल साथ रहती हैं, मगर प्रेम की प्यास फिर भी अधूरी रह जाती है।
शायद प्रेम यही तो है जब किसी का होना ही आपकी दुनिया को मुकम्मल कर दे, ख़ामोशियों को गीत और साधारण दिनों को भी ख़ूबसूरत बना दे।
30 साल तक मुंबई की सड़कों पर ऑटो चलाकर परिवार पालने वाले 52 वर्षीय रामचरण की जिंदगी भाषा के एक नियम के बाद बदल गई. भाषा परीक्षा में असफलता के बाद लाइसेंस रद्द होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया.
खवड्या पहाड़ हादसे में चांदगुडे परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है. परिजनों ने iPhone की EMI को हादसे की मुख्य वजह मानने से इनकार किया है और पारिवारिक विवाद को लेकर अलग जानकारी सामने रखी है.
चीनी की कीमतों में तेजी के बीच सहारनपुर के किसान ने बताया कि गन्ने की पैदावार से ज्यादा समस्या चीनी मिलों में समय पर भुगतान नहीं मिलने की है. किसान अब गन्ने से गुड़ और शक्कर बनाकर बेहतर कीमत और तत्काल भुगतान हासिल कर रहे हैं.
जीवन की भागदौड़ में कुछ रिश्ते पीछे छूट जाते हैं, लेकिन उनकी यादें हमारे भीतर कहीं ठहर जाती हैं. यह कविता उन्हीं शांत पलों की कहानी है, जब आसमान, सितारे और शाम की खुशबू किसी अपने की याद दिला जाती है.
प्रेम केवल किसी रिश्ते या व्यक्ति से जुड़ा भाव नहीं, बल्कि मानव जीवन की सबसे गहरी संवेदनाओं में से एक है। यह कविता प्रेम को करुणा, उम्मीद, त्याग, समर्पण और मानवीय संवेदना के रूप में देखती है। कविता की पंक्तियां बताती हैं कि प्रेम का कोई निश्चित रूप या सीमा नहीं होती। वह कभी मुस्कान में दिखाई देता है, कभी आंखों में उम्मीद बनकर उगता है और कभी आंसू बनकर छलक पड़ता है। अंततः प्रेम को ही जीवन का सार और दुनिया को सुंदर बनाए रखने वाली शक्ति माना गया है।