131 कारीगरों ने बनाई आमिर-गौरी की खास वेडिंग रिंग
आमिर खान की पत्नी गौरी स्प्रैट की वेडिंग रिंग इन दिनों चर्चा में है. मेडागास्कर की दुर्लभ रूबी, 40 असली हीरों और 131 कारीगरों की 256 घंटे की मेहनत से तैयार हुई इस अंगूठी की खासियत जानिए.

आमिर खान की पत्नी गौरी स्प्रैट की वेडिंग रिंग इन दिनों चर्चा में है. मेडागास्कर की दुर्लभ रूबी, 40 असली हीरों और 131 कारीगरों की 256 घंटे की मेहनत से तैयार हुई इस अंगूठी की खासियत जानिए.
क्या रोज एक अनार खाने से चेहरे पर प्राकृतिक निखार आ सकता है? सोशल मीडिया पर वायरल दावे की एक्सपर्ट ने की जांच. जानिए अनार के वैज्ञानिक फायदे, सही सेवन का तरीका और किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए.
बारिश के मौसम में महाराष्ट्र के ये 7 खूबसूरत पठार हरियाली, रंग-बिरंगे जंगली फूलों, झरनों और धुंध से ढक जाते हैं. अगर आप मानसून ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो इन प्राकृतिक स्वर्ग जैसी जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें.
गोल्ड मेडल जीतने की खुशी पलभर में मौत के साए में बदल गई। नागपुर स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय एक विपक्षी खिलाड़ी ने अपनी तत्परता से मेरी जान बचा ली। यह संस्मरण केवल खेल की नहीं, बल्कि इंसानियत, सच्चे कोच और जीवन के अनमोल सबक की कहानी है।
क्या हर प्रेम को नाम देना ज़रूरी होता है? यह कहानी अनन्या और आरव की है, जिनके बीच कभी मुलाकात नहीं हुई, फिर भी उनकी आत्मीयता हर दूरी से बड़ी बन गई। यादों, इंतज़ार और अनकहे प्रेम से सजी यह कहानी दिल को गहराई से छू जाती है।
आले में रखी नीली शीशी, हवा से हिलता अख़बार, तुलसी पर ठहरी ओस, बारिश की स्मृतियाँ और समय का अविराम प्रवाह यह कविता बताती है कि जीवन का वास्तविक सौंदर्य बड़े क्षणों में नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की साधारण दिखने वाली अनुभूतियों में छिपा होता है।
धूप हो या वर्षा, सुख हो या दुःख सच्चा प्रेम हर परिस्थिति में साथ निभाने का नाम है। यह कविता जीवन और मृत्यु के शाश्वत सत्य के बीच अटूट विश्वास, समर्पण और साथ रहने के वचन को बेहद मार्मिक ढंग से व्यक्त करती है।
लकड़ी का सम्मेलन’ एक सशक्त समकालीन हिंदी कविता है, जिसमें सभ्यता, पर्यावरण और मनुष्य के पाखंड पर तीखा व्यंग्य किया गया है। कविता बताती है कि पेड़ों की रक्षा के भाषण अक्सर उन्हीं लकड़ियों के बीच दिए जाते हैं, जिनकी देह कभी जंगल हुआ करती थी।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में 250 रुपये की शीघ्र दर्शन व्यवस्था से मई-जून में 24 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है। सावन-भादौ में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए महाकाल महालोक में 11 करोड़ रुपये की लागत से शेड, नई कतार व्यवस्था, क्यूआर आधारित बैरियर्स और ऑनलाइन अन्नदान सुविधा जैसी व्यवस्थाएं शुरू की जा रही हैं।