मेहनत और सफलता

मेहनत ही सफलता की सच्ची कुंजी है। चाहे चींटी का निरंतर प्रयास हो या कुम्हार, किसान, मजदूर और माता-पिता का श्रम हर जगह यही सच सामने आता है कि लगन और परिश्रम से ही जीवन को आकार मिलता है। जो लक्ष्य पर टिके रहते हैं, वही अंततः सफल होते हैं।

Read More

तुम क्या जानो…

तुम प्रेम को अधिकार और जीत मानते रहे, जबकि मेरे लिए यह समर्पण और खामोशी रहा। हर औरत में कहीं न कहीं एक मीरा होती है, जो बिना प्रतिदान की आशा प्रेम करती चली जाती है। हर युग में प्रेम तुमने जीता है, और हमने उसे जिया है—उस दर्द, विरह और त्याग के साथ।

Read More

“क्यों टूट रहे हैं रिश्ते?

“आधुनिक जीवन की भागदौड़, अहंकार, संवाद की कमी और संस्कारों से दूर होती नई पीढ़ी इन सबने विवाह जैसे पवित्र बंधन को कमजोर कर दिया है। परिवार का ताना-बाना बिखर रहा है, संयुक्त परिवार टूट चुके हैं और रिश्तों में धैर्य व समझदारी कम होती जा रही है। यही कारण है कि विवाह-विच्छेद बढ़ते जा रहे हैं।”

Read More
एक भावनात्मक दृश्य जिसमें एक व्यक्ति पीपल के पेड़ के नीचे खड़ा है, पतझड़ के पत्ते गिर रहे हैं और आसपास बदलते मौसम के साथ प्रकृति में आशा और स्मृतियों का प्रतीकात्मक चित्रण है

मौसम लौटता है ज़रूर

“मौसम लौटता है ज़रूर” एक संवेदनशील कविता है जिसमें ऋतुओं के माध्यम से प्रेम, बिछड़न और उम्मीद को बेहद खूबसूरती से व्यक्त किया गया है। यह कविता जीवन के चक्र और भावनाओं की गहराई को छूती है।

Read More
आत्मचिंतन और करुणा के भावों से भरी एक भारतीय महिला की प्रतीकात्मक छवि, जो सृजन और संवेदना का संदेश दे रही है।

जननी से जगजननी तक

आज के परिवेश में कुछ नारियाँ भी भयावह कांड करने वाली हो गई हैं। विविध अशोभनीय, असंवेदनशील और निर्दयी घटनाओं को देखकर हृदय द्रवित हो उठता है। पर ऐसा होने के पीछे दशकों से नारी पर किए गए अत्याचारों का परिणाम भी कहा जा सकता है, जिसके कारण वह असहनशील और संवेदनाहीन होकर जघन्य अपराध कर रही हैं। पर संभलना तो होगा उन नारी रूपों को, जो ऐसे कृत्य कर रही हैं।

क्योंकि, हे नारी! तू ही तो सृष्टि की आधारशिला है। यदि तू ही अपने जन्मे बच्चों को खा जाएगी, तो यह सृष्टि आगे कैसे बढ़ेगी? सृष्टि ही समाप्त हो जाएगी, क्योंकि तू ही तो जननहारी है। इन्हीं भावों को निम्न कविता में समेटने का प्रयास किया है नारी को चैतन्य करने के लिए….

Read More
BMW iX3 इलेक्ट्रिक SUV CES 2026 में प्रदर्शित, AI-सक्षम BMW Intelligent Personal Assistant और Panoramic iDrive के साथ, इन-कार मनोरंजन और नई eDrive तकनीक दिखाते हुए।

इन-कार गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और BMW iX3

म्यूनिख।CES 2026 में BMW ने अपने इलेक्ट्रिक SUV मॉडल iX3 को पेश करते हुए नई तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन किया। BMW iX3 अब AI-सक्षम BMW Intelligent Personal Assistant के साथ आता है, जिसमें Alexa+ तकनीक का पहला प्रदर्शन किया गया। यह वाहन Neue Klasse का डेब्यू मॉडल है, और इसके जरिए BMW आने वाले…

Read More
क्रिकेट मैदान में खेलती लड़कियाँ महिला सशक्तिकरण और आत्मविश्वास का प्रतीक बनती हुई

लड़कियाँ क्रिकेट खेल रही हैं…

ह कविता क्रिकेट के मैदान में उतरती लड़कियों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और सामाजिक रूढ़ियों के टूटने की कथा कहती है। चौके-छक्कों से लेकर इतिहास रचने तक, यह रचना बताती है कि खेल कैसे करोड़ों लड़कियों के भीतर साहस और आकाश छूने की आकांक्षा जगा रहा है।

Read More
bhagwa- hindu -india

मैं ही ज्योति, मैं ही अनंत

जिसे तुम बाहर ढूँढते फिर रहे हो, वह सब तुम्हारे भीतर है। धरती के छोर से लेकर आकाशगंगाओं के पार तक, जो भी दिखाई देता है, वह उसी एक ऊर्जा की भिन्न–भिन्न अभिव्यक्तियाँ हैं। सूर्य की गर्मी, चाँद की शीतलता, समुद्र की गहराई, हिमालय का शौर्य, गंगा की पवित्र धार सब उसी शक्ति के रूप हैं। वह शक्ति न किसी दिशा में सीमित है, न किसी समय में बँधी। वह अनंत है और सर्वव्यापी है। भगवा इसी अनंत प्रकाश का प्रतीक है .जो न कहीं शुरू होता है और न कहीं समाप्त।
जो इसे पा लेता है — वह समझ जाता है कि खोज बाहर नहीं, भीतर की ओर मुड़ने में है।
सब उसी से जन्मा है और अंततः उसी में विलीन होना है।

Read More

आस्था में विश्‍वास

भारत की आध्यात्मिक परंपराएं समय के साथ बदलती जरूर रही हैं, पर उनकी आत्मा आज भी उतनी ही जीवंत और शक्तिशाली है। इसका प्रमाण राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर है, जो केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि विश्वास, समर्पण और भक्ति का जीवंत केन्द्र बन चुका है। विशेषकर निर्जला एकादशी और द्वादशी के पावन पर्व पर यहां आस्था का ऐसा महासंगम होता है, जो किसी भी श्रद्धालु के हृदय को अद्वितीय शांति और ऊर्जा से भर देता है।

Read More