
रीता मिश्रा तिवारी, भागलपुर
जहाँ योग है, वहाँ रोग नहीं,
मन में डर और शोक नहीं।
योग है जीवन का बड़ा ज्ञान,
तन-मन रहे सदा निरोग।
योग सिर्फ एक व्यायाम नहीं,
स्वस्थ जीवन का मंत्र है।
न डर, न दवा, न कोई तनाव,
योग है जीवन का सुंदर उपहार।
हर दिन जीवन में योग करें,
तन-मन को स्वस्थ बनाएँ।
आओ, आज हम योग का संकल्प लें,
स्वस्थ भारत का सपना हम साकार करें।
