“बालकनी में खड़ी स्वतंत्रता तलाशती महिला”

उड़ेगी एक दिन वो…

यह कविता एक स्त्री की कहानी है, जिसे परिंदे के रूपक में प्रस्तुत किया गया है। यह केवल उड़ान की बात नहीं, बल्कि उस मानसिक और सामाजिक कैद की कहानी है, जिसमें अक्सर महिलाओं को सीमित कर दिया जाता है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। धीरे-धीरे वह फिर से अपने अस्तित्व को पहचानती है, छोटे-छोटे कदमों से खुद को संभालती है और उड़ना सीखती है। यह यात्रा आसान नहीं है यह डर, झिझक और आत्मसंघर्ष से भरी है लेकिन हर कोशिश उसे उसके असली आसमान के करीब ले जाती है।

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दीक्षांत समारोह में आकांक्षा शर्मा को गोल्ड मेडल देते हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री

महिदपुर रोड की बेटी आकांक्षा शर्मा का परचम

महिदपुर रोड की प्रतिभाशाली छात्रा आकांक्षा शर्मा ने सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय में एमएससी जूलॉजी में प्रथम स्थान प्राप्त कर शानदार उपलब्धि हासिल की। 30वें दीक्षांत समारोह में उन्हें राज्यपाल मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दो गोल्ड मेडल और “बेस्ट स्टूडेंट” सम्मान से नवाजा गया। उनकी इस सफलता से पूरे महिदपुर रोड में गर्व और उत्साह का माहौल है।

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Asha Bhosle क्रिकेट स्टेडियम में बैठकर मैच देखते हुए, पृष्ठभूमि में Sachin Tendulkar बल्लेबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

स्मृति शेष-क्रिकेट की दीवानी थी आशा भोसले

दिग्गज गायिका Asha Bhosle का क्रिकेट प्रेम भी उतना ही खास रहा है जितना उनका संगीत. ट्विटर जॉइन करते ही उन्होंने सबसे पहले Sachin Tendulkar को फॉलो किया, जबकि बचपन में वह अपनी मां के साथ स्टेडियम में बैठकर पूरे पांच दिनों तक टेस्ट मैच देखा करती थीं.

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माँ का संवाद बेटे से…

माँ अपने बेटे से कहती है—
“दिल के टुकड़े को खुद से दूर भेजना किसी माँ के लिए आसान नहीं होता। तुम्हारी तरक्की और खुशियों के लिए हमें यह कड़वा घूँट पीना पड़ता है। शायद तुम्हारे लिए भी यह सफ़र सहज न हो—कभी आज़ादी गुदगुदाएगी तो कभी जिम्मेदारियाँ बोझ बन जाएँगी। पर याद रखना, तुम्हारे हर कदम पर हमारी दुआएँ और आशीर्वाद एक अदृश्य कवच बनकर तुम्हारे साथ रहेंगे। जब कभी मन उलझे, अकेलापन सताए, तो समझना कि हम दूर होकर भी तुम्हारे बेहद पास हैं।

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पुणे में रियल एस्टेट ठगी मामले की प्रतीकात्मक तस्वीर

पुणे में 40 लाख की ठगी, 40% रिटर्न का झांसा

रियल एस्टेट व्यवसाय में निवेश पर 40 प्रतिशत रिटर्न का लालच देकर एक महिला से 40 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है. इस प्रकरण में खडक पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

इस संबंध में रतनदेवी कांतिलाल ओसवाल (उम्र 54, निवासी जय भवानी सोसायटी, भवानी पेठ) ने खडक पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. इसके आधार पर पुलिस ने अनिल कटारिया (उम्र 60) और राहुल अनिल कटारिया (उम्र 35, निवासी प्रेशियस जेम सोसायटी, कोरेगांव पार्क) के खिलाफ मामला दर्ज किया है. यह घटना नवंबर 2022 से 13 अप्रैल 2026 के बीच हुई है.

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मेरी यायावरी!

मेरी यायावरी ने मुझे एक अनवरत पथगामी बना दिया है, जैसे मैं इस धरा पर रहते हुए भी व्योम का वासी बन गया हूँ। मन को पल भर का चैन नहीं मिलता। स्मृतियों का इतिहास वह निरंतर रचता रहता है और क्षणभंगुर जीवन में नए-नए आकाश गढ़ता रहता है।

कभी यह मन वृक्ष की ऊँची फुनगी पर जा बैठता है, मधुर राग बनकर इतराता है। अगले ही पल जब तेज़ हवा का झोंका आता है तो तंद्रा भंग हो जाती है और यह यथार्थ की ज़मीन पर धड़ाम से गिर पड़ता है।

हर क्षण एक मृदुल तरंग उठती है। शब्दों के घाट पर नंगे पाँव घूमती भावनाएँ अकुलाई-सी मोती चुनती रहती हैं। उन्हीं मोतियों से स्वर्णिम अभिव्यक्तियाँ जन्म लेती हैं और तभी एक नया काव्य आकार पाता है

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पद्म पुरस्कारों के पीछे की अनसुनी कहानी

हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित होने वाले पद्म पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा का प्रतिबिंब होते हैं। Padma Awards 2026 के साथ जानिए ये प्रतिष्ठित पदक कहां बनते हैं, किस धातु से तैयार होते हैं और क्यों इनके साथ कोई नकद इनाम नहीं दिया जाता।

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बड़ा बैनजी श्यामलता शर्मा: एक युग का अंत

बड़ा बैनजी- श्यामलता शर्मा

महिदपुर रोड की 95 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका श्यामलता शर्मा, जिन्हें पूरा क्षेत्र “बड़ा बैनजी” के नाम से जानता था, अब हमारे बीच नहीं रहीं। बेटियों की शिक्षा के लिए उनका संघर्ष, उनका स्नेह और उनकी रोशन मुस्कान पीढ़ियों तक याद की जाएगी।

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बस बारह घंटे

दिल्ली से पटना की बारह घंटे की रेल यात्रा में पनपा किशोर प्रेम समाज और संस्कारों की दीवार से टकराकर दबा दिया जाता है, पर उसका मीठा दर्द शेफाली के जीवन भर उसके साथ रहता है।

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महंगाई

आज की महंगाई ने जीवन को बहुत मुश्किल बना दिया है। हर चीज़ की कीमत बढ़ गई है और आम आदमी का घर चलाना कठिन हो गया है। पहले जो छोटी-सी चीज़ें आसानी से मिल जाती थीं जैसे मोटर या भिंडी . अब उन्हें खरीदना भी मुश्किल हो गया है। तेल न होने पर खाना बनाना भी मुश्किल हो जाता है और परेशानियाँ बढ़ जाती हैं। लोग पूछते हैं तो कुछ कह नहीं पाते, और ना पूछें तो मन में ही दुःख बढ़ता रहता है। महंगाई की मार से जीवन इतना जटिल हो गया है कि इसे अनदेखा करना भी मुश्किल है।

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