
डॉ. रुपाली गर्ग, मुंबई
आज के आधुनिक समय में ऑनलाइन सुविधाएँ हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी हैं। चाहे खाना हो, दवा हो या कोई आवश्यक सामान हम कभी भी ऑर्डर कर देते हैं। परंतु जब हम रात को आराम से अपने घरों में बैठे होते हैं, तब भी एक व्यक्ति हमारी सुविधा के लिए सड़कों पर होता है वह है डिलीवरी बॉय।
रात का समय अक्सर शांत और सुनसान होता है, लेकिन डिलीवरी बॉय के लिए यह समय भी काम का ही होता है। ठंडी हवा, सुनसान रास्ते और कभी-कभी सुरक्षा की चिंता के बावजूद वह अपने काम को पूरी ईमानदारी से निभाता है। कई बार देर रात तक भूखा-प्यासा रहकर भी वह ग्राहकों तक उनका ऑर्डर पहुँचाता है। दरवाज़ा खुलते ही वह विनम्रता से कहता है, “सर/मैडम, आपका ऑर्डर।” इस छोटे से वाक्य के पीछे उसकी लंबी मेहनत और थकान छिपी होती है।
डिलीवरी बॉय सिर्फ सामान ही नहीं लाता, बल्कि हमारे जीवन को आसान बनाता है। उसकी मेहनत में उसके सपने भी जुड़े होते हैं. परिवार की ज़िम्मेदारियाँ, माता-पिता की उम्मीदें और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की चाह।
कई बार उसे लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, ट्रैफिक या गलत पते की परेशानियाँ भी झेलनी पड़ती हैं। फिर भी वह समय पर डिलीवरी देने का हर संभव प्रयास करता है, ताकि ग्राहक संतुष्ट रहें। उसकी यह मेहनत और धैर्य वास्तव में सराहनीय है।
लेट नाइट डिलीवरी बॉय केवल सामान नहीं पहुँचाता, बल्कि हमारी सुविधा और जरूरतों का भी ध्यान रखता है। उसकी मेहनत से ही हमें देर रात भी आवश्यक वस्तुएँ आसानी से मिल जाती हैं।
डिलीवरी बॉय आधुनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण सहायक है। वह मेहनत, धैर्य और जिम्मेदारी का ऐसा उदाहरण है, जो चुपचाप समाज की सुविधा के लिए अपना अमूल्य योगदान देता रहता है।
लेखिका के बारे में-
डॉ. रुपाली गर्ग
एक शिक्षिका, लेखिका और साहित्य साधिका हैं, जिन्होंने बरेली विश्वविद्यालय से पीएचडी तथा चेन्नई से MBA किया है।वे पिछले 2 वर्षों से लेखन में सक्रिय हैं और अब तक 300 से अधिक रचनाओं का सृजन कर चुकी हैं।
उनकी लेखनी में स्त्री, जीवन, वियोग और अनुभवों की गहराई झलकती है, साथ ही उन्हें जासूसी और दर्शनशास्त्र आधारित साहित्य पढ़ना विशेष रूप से पसंद है।
उनकी रचनाएँ 500+ साझा संकलनों व पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं, तथा वे कई साहित्यिक सम्मेलनों की गरिमा बढ़ा चुकी हैं. साथ ही उनकी 2 पुस्तकें प्रकाशित हैं और वे विभिन्न साहित्यिक मंचों पर उपाध्यक्ष एवं सह-संस्थापिका के रूप में सक्रिय हैं।
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