
प्रिया राणा
कूट-कूट कर
भर दिया गया वह,
भर दी जाती हैं
रज़ाइयाँ जैसे,
और फिर सिल दिया जाता है दर्द।
दिल भर गया
ये तीन शब्द
दुनिया की सबसे छोटी कहानी हैं,
और उसके संपूर्ण जीवन की आत्मकथा।
असल में वह बता रहा है
अपने भर जाने की प्रक्रिया।
इस सिले हुए आदमी से
अपेक्षा होगी अब
कि वह गर्माहट परोसे।
अरे भई! वह आदमी है, आदमी,
सचमुच का कंबल नहीं,
जो दे सके संबल
कड़कते दर्द में किसी को।
स्वयं को ही चुक जाने से
बचा लेने वाला वह,
अपने थकने, कूटने-पिटने की
कहना चाहता है कथा।
भागकर पकड़ते हुए
विलुप्त होते श्रोता को
ओह! हृदय परोसना
अब आसान नहीं।
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