gulmohar

“सृजनिका” के छठे अंक का गरिमामयी लोकार्पण

मुंबई से प्रकाशित त्रैमासिक हिंदी साहित्यिक पत्रिका सृजनिकाके छठे अंक का लोकार्पण मंगलवार, 26 अगस्त को कुर्ला स्थित यूकेएस इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ एंड रिसर्च के सभागार में हुआ.
समारोह के मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के कार्यकारी निदेशक (नॉन-फ्यूल बिज़नेस) मुरलीकृष्ण वेंकट वाद्रेवु ने हिंदी को व्यवसाय-वृद्धि की महत्वपूर्ण सहयोगी भाषा बताते हुए अपने अनुभव साझा किए.

Read More

अब अहिल्या को राम नहीं मिलते…

पुलिस की रेड पड़ी और इस बार वह पकड़ी गई। थाने में महिला पुलिस फटकार लगा रही थी—”शर्म नहीं आती तुम्हें शरीर बेचते हुए? तुम औरत के नाम पर कलंक हो!” वह सिर नीचा किए सुनती रही। सुन-सुनकर पत्थर हो गई। यह लताड़ पहली बार नहीं पड़ी थी, न जाने कितनी बार लोगों ने उसकी औक़ात उसे दिखाई है। वह यह भी जानती है कि दिन में औक़ात दिखाने वाले, रात में उसके दरवाज़े पर खड़े रहते हैं।

Read More

नारी — जननी भी, शक्ति भी

नारी गहनों या दौलत की चाह नहीं रखती, उसे चाहिए सिर्फ़ सम्मान और बराबरी का हक़। वह माँ है, बहन है, बेटी है और पत्नी है—हर रूप में जीवन को सँवारती है। उसके भी अपने सपने हैं, अपनी इच्छाएँ हैं। लेकिन समाज अक्सर उसे कमज़ोर समझकर उसकी स्वतंत्रता छीनने की कोशिश करता है। सच्चाई यह है कि नारी कोमल ज़रूर है, पर निर्बल नहीं। वह कर्तव्यों का पालन करती है और प्रेम से जीती है। इसलिए ज़रूरी है कि हम उसकी भावनाओं और अस्तित्व का सम्मान करें।

Read More
रात में कमरे के भीतर उड़ती रहस्यमयी चिड़िया

चिड़िया

एक बिन माँ के बच्चे की चिंता और एक औरत की ममता के बीच अचानक रात में एक रहस्यमयी चिड़िया दिखाई देती है. बंद कमरे में आई वह चिड़िया कौन थी, यह सवाल अंत तक अनसुलझा रह जाता है.

Read More
चाँदनी रात में खिड़की के पास चिंतन में बैठी एक महिला के सामने स्वप्न में प्रकट हुआ एक प्राचीन भारतीय बादशाह, जिसकी शांत मुद्रा अतीत से सीख लेकर वर्तमान और भविष्य की ओर बढ़ने का संदेश देती है।

गुज़ारिश

‘गुज़ारिश’ एक गहन चिंतनशील कविता है, जिसमें स्वप्न में आए एक गुज़रे दौर के बादशाह के माध्यम से अतीत, इतिहास, समय और वर्तमान पर सार्थक संवाद प्रस्तुत किया गया है। कविता यह संदेश देती है कि बीते समय की गलतियों में उलझकर वर्तमान और भविष्य को नहीं खोना चाहिए। कर्म, सकारात्मक सोच और बदलते समय के साथ आगे बढ़ने का संदेश देने वाली यह रचना पाठकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है

Read More
कारगिल की पर्वतीय पृष्ठभूमि में तिरंगा थामे दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ते भारतीय युवा, जो साहस, एकता, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना का प्रतीक हैं।

युवा शक्ति का महासंग्राम

‘युवा शक्ति का महासंग्राम’ वीर रस से परिपूर्ण एक प्रेरक राष्ट्रभक्ति कविता है, जो युवाओं के अदम्य साहस, संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को सशक्त शब्दों में अभिव्यक्त करती है। कविता बताती है कि जब भी युवा अन्याय के विरुद्ध खड़े हुए हैं, उन्होंने इतिहास रचा है। ओजस्वी भाषा और जोशीले भावों से सजी यह रचना युवाओं में राष्ट्रप्रेम, आत्मविश्वास और कर्तव्यबोध का संचार करती है।

Read More
कारगिल विजय दिवस पर आयोजित ऑनलाइन राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी में शामिल देशभर के साहित्यकार

कारगिल विजय दिवस: वीर शहीदों को किया नमन

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर माँ सरस्वती राष्ट्रीय काव्य मंच भारत एवं संस्था “एक प्रयास भारत” द्वारा आयोजित ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में देशभर के प्रतिष्ठित कवियों और साहित्यकारों ने अपनी ओजस्वी एवं भावपूर्ण रचनाओं के माध्यम से कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

Read More

ऐश्वर्या राय बच्चन की 900 करोड़ की दुनिया

फिल्मी दुनिया में कई सितारे आते हैं, चमकते हैं और फिर वक्त के साथ ओझल हो जाते हैं. लेकिन ऐश्वर्या राय बच्चन उस दुर्लभ श्रेणी में आती हैं, जो सिनेमा से आगे बढ़कर एक स्थायी संस्था बन चुकी हैं. उन्होंने जब फिल्मों की रफ्तार धीमी की, तब भी उनकी कीमत, प्रभाव और पहचान लगातार बढ़ती रही. करीब 900 करोड़ रुपये की अनुमानित संपत्ति के साथ ऐश्वर्या आज केवल एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक साइलेंट पावर ब्रांड हैं.

Read More
हरा-भरा पेड़ जिसकी शाखाओं पर पक्षी बसेरा किए हुए हैं

मैं प्रकृति हूँ

“प्रकृति स्वयं कहती है—मैं ही इस धरती की शोभा हूँ, जीवन का मूल आधार हूँ। मेरी कोमल शाखाएँ, मेरी छाया, मेरे फूल-पत्ते सभी जीवों के लिए आश्रय और सहारा हैं। जब कोई निराश होता है, मैं उसे आशा देती हूँ; जब कोई भूखा-प्यासा होता है, मैं उसकी भूख-प्यास मिटाती हूँ।

Read More

राष्ट्रनायक नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी केवल एक नेता नहीं, बल्कि भारत माँ के ऐसे सपूत हैं जिन्होंने संघर्षों की भट्टी में तपकर अपनी पहचान बनाई। जनसेवा उनके जीवन का धर्म है और राष्ट्रभक्ति उनकी पूजा।
मोदी ने अपने संकल्पों से भारत को नवयुग की ओर अग्रसर किया। हर कठिनाई के सामने साहस के साथ खड़े होकर उन्होंने जनता को विश्वास और आशा दी। उनका जीवन कर्म, सरदार पटेल के साहस और शिवाजी की वीरता की याद दिलाता है।

Read More