
सुरेश परिहार, लाइव वॉयर न्यूज
पुणे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर राज्यसभा सांसद प्रा. डॉ. मेधा कुलकर्णी की पहल से आयोजित ‘पुणे ऑन पेडल्स’ साइकिल रैली और वॉकथॉन में हजारों पुणेकरों ने भाग लेकर शारीरिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर 75 जरूरतमंद बच्चों को साइकिल वितरण भी किया गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, “शारीरिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए साइकिल चलाना अत्यंत उपयोगी है। प्रधानमंत्री मोदी ने फिट इंडिया के माध्यम से स्वस्थ जीवन की दिशा में प्रेरित किया है। पुणेकरों ने जन्मदिन पर मोदीजी को यह विशेष उपहार देकर प्रशंसनीय उदाहरण पेश किया।”

रैली और वॉकथॉन का मार्ग क्रमशः कोथरुड स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा से झांसी की रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा और बालगंधर्व चौक तक तथा एसएनडीटी महाविद्यालय तक था। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और राज्य मंत्री माधुरी मिसाळ ने हरी झंडी दिखाकर रैली की शुरुआत की। पुणे महापालिका आयुक्त नवलकिशोर राम, क्रिकेटर केदार जाधव और महाराष्ट्र केसरी शिवराज राक्षे सहित अन्य मान्यवर उपस्थित थे।इस अवसर पर 75 जरूरतमंद बच्चों को साइकिल वितरित की गई। रैली में सहभागी लोगों ने ‘हर हर मोदी, घर घर मोदी’, ‘मोदी है तो मुमकिन है’ जैसे नारों से वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।

अनुराग ठाकुर ने कहा, “पुणे के पर्यावरण मित्रों ने देश के प्रधानमंत्री को यह विशेष मानवंदना दी। अन्य जनप्रतिनिधियों को भी ऐसे पर्यावरणपूरक उपक्रमों से समाज के स्वास्थ्य के लिए आगे आना चाहिए।”
माधुरी मिसाळ ने कहा, “पुणेकरों को पर्यावरणपूरक जीवनशैली अपनानी चाहिए। साइकिल चलाने से प्रदूषण कम होता है और स्वस्थ जीवन संभव होता है। इस पहल से शारीरिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रखना संभव होगा।”
साइकिल इस्तेमाल को प्रोत्साहन देने के लिए यह कार्यक्रम पिछले छह वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। पुणे को ‘साइकिल का शहर’ कहा जाता है और यह पहल देशवासियों को स्वस्थ और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने का अद्भुत उदाहरण है।
करीब पाँच हजार लोग इस रैली में शामिल हुए। योगपटु स्वरा केंजळे, ट्रेकर नंदकिशोर मुळीक, आयर्न किड विहान काशीकर और जॉग्लिंग खिलाड़ी केतन अमोणकर को खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया। सभी सहभागियों को प्रमाणपत्र, मेडल और टी-शर्ट प्रदान किए गए। जयंत भावे ने सूत्रसंचालन किया और विश्राम कुलकर्णी ने आभार ज्ञापित किया।

एक जरूरी कदम