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उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र और चल रहे विकास कार्यों का आधुनिक दृश्य

महाकाल नगरी का कायाकल्प: विकास की तेज चाल

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए शहर में सड़कों, पुलों, घाटों और इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़े स्तर पर विस्तार किया जा रहा है
वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा का यह लेख उज्जैन के बदलते स्वरूप और विकास योजनाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

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बड़की

संयुक्त परिवार की रसोई सिर्फ़ खाना पकाने की जगह नहीं होती, वहाँ रिश्तों की आँच भी सुलगती है।
सुनीता को आज समझ आया कि कमाना ही पर्याप्त नहीं, घर के कामों में हाथ बँटाना भी उतना ही ज़रूरी है। बड़ी भाभी ललिता की चुप्पी में शिकायत नहीं, थकान छिपी थी उस जिम्मेदारी की जो उन्होंने बरसों से बिना शोर उठाई थी। कभी-कभी रिश्तों में तकरार इसलिए नहीं होती कि कोई गलत है, बल्कि इसलिए कि कोई दूसरे की थकान देख नहीं पाता।

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गांव के आंगन में एक लड़की चाय का कप पकड़े, सामने भावुक खड़ा एक युवक, हल्की धूप और भावनात्मक माहौल

अधूरी चाय, अधूरा इश्क़

चाय को ना नहीं बोलते साहब, पाप लगता है…” — और इस मासूम से वाक्य ने मोहित की ज़िंदगी की दिशा ही बदल दी। वर्षों बाद जब वही चाय की खुशबू और वही बात एक नन्हीं बच्ची ने दोहराई, तो अधूरी कहानी को एक नया अंत मिल गया।

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मुंबई में आयोजित महिला सशक्तीकरण पर साहित्यिक कार्यक्रम का दृश्य

स्त्री : परम्परा और प्रगति की देहरी पर

मुंबई में ‘स्त्री : परम्परा और प्रगति की देहरी पर’ विषय पर आयोजित एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम में स्त्री जीवन के विविध आयामों पर गंभीर विमर्श किया गया। ‘बतरस : एक अनौपचारिक उपक्रम’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता विभा रानी ने स्त्री-पुरुष असमानता, सामाजिक रूढ़ियों और आधुनिक चुनौतियों पर अपने विचार रखे।

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दिया और कुम्हार

कविता उस कुम्हार की करुण कथा कहती है, जो मिट्टी के दिये बनाकर दुनिया के हर घर में उजाला फैलाता है, पर उसका अपना जीवन अंधकार में डूबा रहता है। वह दिन-रात मेहनत करता है ताकि अपनी बेटी की पढ़ाई, विवाह, माता-पिता की दवा और दो वक्त की रोटी का इंतज़ाम कर सके। फिर भी लोग उसके परिश्रम की कीमत पर सौदा करते हैं, मानो एहसान कर रहे हों। त्योहार की चमक में उसकी मेहनत की सच्चाई गुम हो जाती है।

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बारिश के मौसम में खिड़की के पास रखी गर्म मनचली चाय का कप, जो मोहब्बत और खूबसूरत यादों का एहसास कराता है।

मनचली चाय

मनचली चाय केवल स्वाद नहीं, बल्कि रिश्तों की मिठास, बारिश की यादें और दिलों के बीच की अनकही बातों का एहसास है। यह लेख बताता है कि कैसे एक साधारण-सा चाय का कप भी मोहब्बत, दोस्ती और जिंदगी के सबसे खूबसूरत पलों का हिस्सा बन जाता है।

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नई शुरुआत

“रात के 1:00 बजे स्टेशन पर बैठे रोहित ने सोचा भी ना था, वो इस तरह आएगी और उसकी ज़िंदगी में सब बदल जाएगा… उस पगली मां की टूटन में रोहित को अपने अपनों की छवि दिखी। और फिर वही स्टेशन, जो आत्महत्या का स्थान बनने वाला था, अब नए सपनों की जन्मभूमि बन गया।”

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जिंदगी भर नहीं भूलेगी मेट्रो की वो रात…

एक भागती-दौड़ती मुंबई की रात में, मैं मेट्रो के सफर पर थी, अपने बैग और गिफ्ट बॉक्स के साथ, साड़ी में शाही अंदाज़ लिए। एक अजनबी सज्जन ने बिना किसी शब्द के मेरी मदद की, मेरा सामान लौटाया और बाद में टिकट लेने में भी सहायता की। हमारी अनौपचारिक बातचीत, मुस्कानें और छोटे-छोटे इशारे उस रात को यादगार बना गए। सफर के बीच हमारी बातचीत इतनी सहज और हल्की थी कि समय का पता ही नहीं चला। उनके व्यवहार में न तो अश्लीलता थी, न कोई लालसा सिर्फ मित्रवतता और आदर।

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“कभी तो आओ… फुर्सत के इतवार बनकर”

यह कविता एक गहरी प्रतीक्षा की पुकार है—जहाँ मन किसी के आगमन की राह देख रहा है, जो कभी फुर्सत, कभी मल्हार, कभी रंग और कभी आसुओं की धार बनकर आए। भावनाओं से सजी ये पंक्तियाँ एक ऐसी उपस्थिति की चाहत हैं, जो जीवन को फिर से स्पर्श करे, संगीतमय बनाए और रंगों से भर दे।

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देबस्मिता बनीं फेमिना मिस इंडिया हरियाणा 2026

ताज, तिरंगा और टैलेंट.. देबस्मिता

देबस्मिता ने मुंबई में आयोजित ग्रैंड फिनाले में फेमिना मिस इंडिया हरियाणा 2026 का खिताब जीतकर नई पहचान बनाई. आर्मी मेरिट लिस्ट में स्थान बना चुकी देबस्मिता अब 61वें फेमिना मिस इंडिया राष्ट्रीय मंच पर हरियाणा का प्रतिनिधित्व करेंगी.

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