क्या बुज़ुर्ग सच में अकेले पड़ रहे हैं?
84 साल की उम्र में 16वीं मंज़िल से छलांग लगाकर आत्महत्या इस घटना ने मुझे भीतर तक हिला दिया। उम्रभर की लड़ाइयाँ जीतने वाला इंसान अंतिम पड़ाव पर इतना टूट जाता है कि जीवन ही बोझ बन जाए, यह हमारे समाज और मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
एक मुलाकात दीवारों के साथ
एक दीवारों से मुलाकात का अनुभव, जहाँ बचपन, जवानी और यादों की आवाज़ें जीवंत हो उठती हैं। दीवारें सिर्फ मकान का हिस्सा नहीं, बल्कि हमारे एहसासों, मासूमियत और शरारतों की साझेदार होती हैं। समय के रंग और स्मृतियों की गूंज दीवारों पर जिंदा रहती है, और एक छोटी सी बॉल, एक बच्चा, और पुरानी यादें हमें हमारे अतीत की ओर खींच लेती हैं।
महाकाल मंदिर की संपत्ति पर सियासी हलचल
उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने विधानसभा में प्रश्न उठाकर श्री महाकालेश्वर मंदिर की संपत्ति, दान, आय और व्यय का विस्तृत ब्योरा मांगा है. धार्मिक न्यास विभाग ने जानकारी एकत्रित किए जाने की बात कही है, जिससे मंदिर प्रबंधन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
कला, संस्कार और समाज का संगम
पुणे में आने वाले दिनों में कला, संस्कृति और सामाजिक सरोकार का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। सृजन फाउंडेशन की ओर से 13 से 15 जनवरी तक तीन दिवसीय ‘सृजन महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव अपने 10वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और इस बार नवी पेठ स्थित एस. एम. जोशी ऑडिटोरियम में प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित होगा।
पद्म पुरस्कारों के पीछे की अनसुनी कहानी
हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित होने वाले पद्म पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा का प्रतिबिंब होते हैं। Padma Awards 2026 के साथ जानिए ये प्रतिष्ठित पदक कहां बनते हैं, किस धातु से तैयार होते हैं और क्यों इनके साथ कोई नकद इनाम नहीं दिया जाता।
स्त्री है त्रिशक्ति
स्त्री वास्तव में त्रिशक्ति का प्रतीक है—वह शारदा की ज्ञानमयी छवि है, शिवा की त्याग और साहस भरी ऊर्जा है और श्री की समृद्धि और करुणा से भरपूर है। उसका स्वरूप कभी पीपल की ठंडी छाँव-सा शीतल है तो कभी सावन की झड़ी-सा तरल और जीवनदायी। ठिठुरती सर्दियों में वह गुनगुनी धूप बन जाती है। सृष्टि की शुरुआत भी उसी से होती है और अंत भी उसी में समाया हुआ है।
सब कुछ याद है मुझे
विजया डालमिया, हैदराबाद वो हमारा दीवानापन थाया बचपन की मोहब्बत,जिसे दोस्ती का नाम देकरकरते थे हर पल शरारत। बड़े होने पर भीसब कुछ याद है मुझे…. छोटी-छोटी ज़िद, छोटी-छोटी तकरार,देती थी लंबी-सी खुशी।वो तपती धूप मेंएकटक उसके घर की ओर ताकते रहना,उसकी एक झलक पाने के लिए। पैरों में पड़े फफोलों को देखकरउसका मुझे डाँटना,और…
वर्दी की आड़ में विश्वासघात: पुलिस हवलदार बना ठग
पुणे में सराफों और महिलाओं से लाखों की धोखाधड़ी करने वाला निलंबित पुलिस हवलदार गणेश जगताप आखिरकार आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार किया गया. वरिष्ठ अधिकारियों का नाम, पत्नी की बीमारी और बेटी की पढ़ाई जैसे बहानों से उसने भरोसा जीतकर ठगी की. पुलिस अब उसके अन्य मामलों की भी जांच कर रही है.
जो खुद को नहीं जाना, उसने कुछ नहीं जाना!
विद्या का वास्तविक अर्थ केवल तकनीकी ज्ञान या भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। यह सबसे पहले स्वयं को जानने, समझने और जीवन के गहरे आध्यात्मिक अर्थ को खोजने की प्रक्रिया है। यदि हम स्वयं को और समस्त प्राणी जगत को एक ईश्वर की रचना मानकर देखें तो जीवन की अधिकांश उलझनें स्वतः समाप्त हो जाती हैं। विद्या वही है जो हमें भीतर से शुद्ध बनाए, आत्मा को जानने का अवसर दे और बाहरी दिखावे के मोह से दूर रखे।
