न्यूड लिपस्टिक
नई उम्र में ही रंजू की दुनिया जैसे अचानक रंगहीन हो गई थी। जिस आईने के सामने वह कभी सजती-संवरती थी, अब उसी आईने में उसे अपना चेहरा भी अजनबी सा लगता था। बारहवें के दिन जब ननद उसके लिए श्रृंगार का सामान लेकर आई, तो उसके भीतर दबा हुआ सारा दर्द आँसुओं में बह निकला“अब इन सबका क्या करूँ दीदी?”
क़दमों की जंजीर
“क़दमों की जंजीर” एक ऐसी प्रेरक कहानी है, जो दिखाती है कि धैर्य, समझ और सकारात्मक सोच से किसी भी रूढ़िवादी बंधन को बदला जा सकता है।
फिर खुद को पाना
यह ग़ज़ल आत्ममंथन, खोई हुई उम्मीद और फिर खुद से प्रेम करने की यात्रा को बेहद खूबसूरती से बयां करती है।
अस्पताल के पास
यह कविता अस्पताल जैसे गंभीर माहौल में भी उम्मीद, संवेदना और जीवन के छोटे-छोटे रंगों की आवश्यकता को बेहद भावपूर्ण तरीके से व्यक्त करती है।
झरने सा प्यार…
यह कविता झरने और समुंदर के रूपक के माध्यम से सच्चे और अधूरे प्रेम के अंतर को बेहद भावनात्मक और सुंदर तरीके से व्यक्त करती है।
डाउन सिंड्रोम : थोड़ा अलग, लेकिन सबसे खास
डाउन सिंड्रोम एक आनुवंशिक स्थिति है, लेकिन यह किसी बच्चे की संभावनाओं को सीमित नहीं करती। सही देखभाल, संतुलित आहार और माँ के प्यार से ऐसे बच्चे भी आत्मनिर्भर और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
यंगस्टर का प्रेम
युवा दिल बहुत नाज़ुक होता है. छोटी-सी बात भी उसे खुशी से भर सकती है और उतनी ही जल्दी आहत भी कर सकती है. अक्सर आकर्षण को ही प्रेम समझ लिया जाता है, क्योंकि किसी की मुस्कान, बात करने का अंदाज़ या स्टाइल दिल को छू जाता है. लेकिन सच्चा प्रेम इससे कहीं आगे होता है. वह व्यक्ति के विचारों, उसके व्यवहार और उसके साथ बिताए गए सच्चे पलों से धीरे-धीरे गहराता है.
खामोशी में छुपा प्यार
कभी-कभी प्यार शब्दों में नहीं, खामोशी में पनपता है। यह वही एहसास है जो दिल में चुपचाप जगह बना लेता है, बिना इज़हार के भी गहराता जाता है। इस अनकही मोहब्बत में एक सुकून भी है और एक हल्की सी कसक भी, जहां हर खामोशी के पीछे सिर्फ एक ही नाम छुपा होता है।
