कब तक चलेगा ये सिलसिला…
प्रेम, दूरी और अधूरे जज़्बातों से सजी यह हिंदी कविता रिश्तों की खामोशियों, तड़प और अनकही बातों का भावपूर्ण चित्रण करती है।

प्रेम, दूरी और अधूरे जज़्बातों से सजी यह हिंदी कविता रिश्तों की खामोशियों, तड़प और अनकही बातों का भावपूर्ण चित्रण करती है।
“कभी-कभी जिंदगी में मिलने वाले लोग प्रेम नहीं, आईना बनकर आते हैं…
पति की बेवफाई और भीतर के अकेलेपन से टूट चुकी मृणालिनी की जिंदगी एक ट्रैफिक सिग्नल पर बदलने लगती है, जहां उसकी मुलाकात डॉक्टर मृगांक से होती है। एक अनकहा भावनात्मक रिश्ता जन्म लेता है जिसमें आकर्षण है, अपनापन है, लेकिन मर्यादा भी है। यह कहानी प्रेम, आत्मसम्मान और घर टूटने व बचने के बीच की नाजुक रेखा को छूती है।”
‘दूरी की पहली आहट’ एक भावनात्मक लेख है जो रिश्तों में धीरे-धीरे बढ़ती दूरी, बदलते व्यवहार और भीतर जन्म लेती बेचैनी को गहराई से उकेरता है। यह कहानी उन अनकहे पलों की है, जब रिश्ता टूटता नहीं, बस धीरे-धीरे दूर होने लगता है।
इच्छा और ईश्वर का संघर्ष’ एक गहन आध्यात्मिक लेख है, जो मनुष्य की अनंत इच्छाओं, ईश्वर की व्यवस्था और समर्पण के भाव के बीच के सूक्ष्म संबंध को समझाने का प्रयास करता है। यह लेख बताता है कि हर अधूरी इच्छा केवल अभाव नहीं, कई बार जागरण का मार्ग भी होती है।
यह कविता जीवन के दर्द, संघर्ष, कर्म और उम्मीद की भावनात्मक यात्रा को शब्द देती है। संवेदनाओं, हौसलों और आत्मिक प्रकाश से भरी यह रचना जीवन-दर्शन की गहरी अनुभूति कराती है।